
पटियाला, 4 अप्रैल 2026
पटियाला स्थित पी.आर.टी.सी. (PRTC) मुख्यालय में 1 और 2 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से पंजाब के ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों को सीधे ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (MMSY)’ के दायरे में शामिल किया गया है। भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित इस गतिशील श्रमिक वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
बस ड्राइवरों, ऑटो-रिक्शा चालकों, टैक्सी कर्मचारियों और उनके परिवारों का मौके पर ही पंजीकरण (एनरोलमेंट) किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि राज्य की परिवहन व्यवस्था को संभालने वाले ये लोग अब समय पर और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकें।
दो दिनों के दौरान, पी.आर.टी.सी. (PRTC) सदस्यों और उनके परिवारों सहित बड़ी संख्या में लोगों को पंजीकृत कर मौके पर ही स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए। प्रत्येक कार्ड के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे उन कर्मचारियों को बड़ी वित्तीय सुरक्षा मिलती है, जो अनियमित आय, लंबे कार्य घंटे और शारीरिक थकान के कारण अक्सर इलाज में देरी करते हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत लाना एक अहम कदम है, क्योंकि वे लगातार सफर में रहते हैं और अक्सर इलाज में देरी करते हैं। अब वे और उनके परिवार बिना झिझक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।”
पी.आर.टी.सी. (PRTC) के चेयरमैन हरपाल जुनेजा ने कहा कि परिवहन कर्मचारी पंजाब को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। यह शिविर उन्हें बिना काम में बाधा डाले योजना का लाभ लेने का अवसर प्रदान करता है।
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी इस योजना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है और स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुलभ बना रही है।
शिविर के दौरान एक विशेष मामले में 63 वर्षीय नेत्रहीन वरिष्ठ नागरिक और पूर्व पी.आर.टी.सी. कर्मचारी महिंदर सिंह को भी योजना के तहत पंजीकृत किया गया, जो यह दर्शाता है कि यह पहल उन लोगों तक भी पहुंच रही है जिन्हें सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों को शामिल करना इस योजना का एक महत्वपूर्ण विस्तार है, जो संगठित और अर्ध-संगठित दोनों वर्गों को व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करता है।
यह पहल पूरे पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तेजी से विस्तार का हिस्सा है। अब तक 30 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और विभिन्न जिलों में प्रतिदिन 50,000 से अधिक लोग पंजीकरण कर रहे हैं। पंजाब सरकार ने 2026–27 के बजट में इस योजना को और मजबूत करने के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया है।
सरकार ने राज्य के निवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित केंद्रों और शिविरों के माध्यम से अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवाकर इस कैशलेस इलाज योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।









