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पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पराली जलाने में कमी लाने की पहल के लिए स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड 2025 मिला

चंडीगढ़, 9 अप्रैल:

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) को उसके प्रोजेक्ट “संकट से सफलता तक – पंजाब की स्वच्छ वायु परिवर्तन यात्रा” के लिए पर्यावरण श्रेणी में स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 107वें स्कॉच समिट “गवर्नेंस ट्रांसफॉर्म्ड” के दौरान प्रदान किया गया।

पिछले पांच वर्षों में पंजाब ने पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए बहु-विभागीय प्रयासों के जरिए उल्लेखनीय प्रगति की है। इसमें रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सख्त अमल के साथ-साथ दीर्घकालिक ढांचागत कदम शामिल हैं, जैसे कि सीआरएम मशीनरी की बड़े पैमाने पर तैनाती, कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूत करना और धान की पराली के बाहरी उपयोग में वृद्धि, जो 8.8 लाख टन से बढ़कर 40 लाख टन प्रतिवर्ष हो गई है।

पीपीसीबी की चेयरपर्सन श्रीमती रीना गुप्ता ने कहा, “हम इस राष्ट्रीय सम्मान को प्राप्त कर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह पंजाब सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो एक जटिल पर्यावरणीय चुनौती का समाधान करने के लिए है।”

पंजाब राज्य भविष्य में भी इस दिशा में और बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिए पराली जलाने की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त करने हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है।

गौरतलब है कि स्कॉच अवॉर्ड एक जटिल मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद दिया जाता है, जिसमें प्रेजेंटेशन, विषय विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन और जनमत (पब्लिक वोटिंग) शामिल होती है।

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