
चंडीगढ़, 28 अप्रैल: पंजाब के राजस्व मंत्री सरदार हरदीप सिंह मुंडियां ने आज बताया कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई प्रमुख पहल “मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना” के दो चरणों के तहत अब तक 1.32 लाख से अधिक श्रद्धालु विभिन्न पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्यवासियों को मुफ्त धार्मिक यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाना और उनके तीर्थ दर्शन के सपनों को साकार करना है।
योजना के वर्तमान दूसरे चरण की जिला-वार प्रगति साझा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 तक बठिंडा क्लस्टर से 1179 यात्राएं संचालित की गईं, जिनके तहत 46,030 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसी प्रकार मोहाली से 533 यात्राओं के माध्यम से 21,104 श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाए गए। वहीं लुधियाना से 596 यात्राओं के तहत 23,747 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि अमृतसर क्लस्टर से 154 यात्राओं के जरिए 6,160 श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए गए।
उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर इन क्लस्टरों से 2462 यात्राओं के माध्यम से 97,041 श्रद्धालुओं को मुफ्त धार्मिक यात्रा करवाई गई।
उन्होंने बताया कि 27 नवंबर 2023 को प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित “मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा” के पहले चरण के तहत लगभग 35,500 श्रद्धालुओं ने श्री हजूर साहिब (नांदेड़), श्री पटना साहिब (बिहार), वाराणसी मंदिर, मथुरा, श्री वृंदावन धाम (उत्तर प्रदेश), अजमेर शरीफ दरगाह (राजस्थान), श्री आनंदपुर साहिब, श्री अमृतसर साहिब, श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), श्री सालासर धाम, श्री खाटू श्याम जी, माता चिंतपूर्णी जी, माता ज्वाला जी, माता नैना देवी जी और माता वैष्णो देवी जी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए थे।
हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि योजना का दूसरा चरण नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व के अवसर पर अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के श्रद्धालु इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के तहत श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुर्गियाना मंदिर, भगवान श्री वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जलियांवाला बाग, पार्टीशन म्यूजियम सहित कई प्रमुख धार्मिक और विरासत स्थलों के दर्शन करवाए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि योजना के दोनों चरणों के तहत श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा, ठहरने की सुविधा, भोजन, चिकित्सा सहायता और जरूरी किटें प्रदान की गईं, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया।









