
देश को अब एक पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री की जरूरत – अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली, 30 मई: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक की घटनाओं और उन्हें रोकने के लिए उठाए जा रहे कथित अप्रभावी कदमों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अब देश को एक पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री की जरूरत है। उनका आरोप था कि मौजूदा केंद्र सरकार नीट पेपर लीक की जड़ तक पहुंचने के बजाय अव्यावहारिक बातें कर रही है। सरकार कह रही है कि नीट परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए वायुसेना के विमान इस्तेमाल किए जाएंगे। क्या इससे पेपर लीक रुक जाएगा? उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि सरकार की पेपर लीक रोकने की नीयत ही नहीं है। आज देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफिया के शिकंजे में फंस चुकी है। यदि व्यवस्था को ठीक करना है तो सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह स्वयं आईआईटी से इंजीनियर हैं और शिक्षा के महत्व को समझते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक देश वास्तविक प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने केंद्र सरकार के उस निर्णय पर सवाल उठाया, जिसमें नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को वायुसेना के विमानों और बुलेटप्रूफ वाहनों के माध्यम से ले जाने की बात कही गई है। उन्होंने इसे दिखावटी कदम करार देते हुए पूछा कि क्या देश की जनता को मूर्ख समझा जा रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि दुनिया भर में बड़ी-बड़ी परीक्षाएं होती हैं, लेकिन कहीं भी प्रश्नपत्रों को वायुसेना के जरिए ले जाने की व्यवस्था नहीं की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल दिखावा कर रही है और शिक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों को दूर करने की कोई गंभीर कोशिश नहीं कर रही। यदि सरकार की नीयत साफ होती तो वह यह पता लगाती कि पेपर लीक कहां से हो रहा है और उसे वहीं रोकती।
उन्होंने कहा कि केवल परिवहन के तरीके बदल देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़े माफिया का कब्जा हो चुका है और यही माफिया पूरे सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चर्चा में आए छात्र वेदांत का उदाहरण देते हुए कहा कि 12वीं कक्षा के इस छात्र ने आरोप लगाया कि उसके भौतिकी (फिजिक्स) के उत्तर-पत्र को किसी अन्य उत्तर-पत्र से बदल दिया गया, जिसके कारण उसे कम अंक मिले।
केजरीवाल ने कहा कि जब छात्र ने अपनी बात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर रखी, तो उसे ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र को देशविरोधी और यहां तक कि पाकिस्तानी तक कहा गया। उन्होंने कहा कि एक छोटे छात्र पर इस तरह के हमलों का मानसिक प्रभाव समझा जा सकता है। उनके अनुसार यह सब शिक्षा माफिया को बचाने की कोशिश का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र अकेले आवाज उठाएगा तो उसके लिए लड़ाई लड़ना मुश्किल होगा। इसलिए सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के लोगों को मिलकर आवाज उठानी होगी। तभी सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि देश के भविष्य का सवाल है।









