
स्थानीय थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में सोमवार की रात एक अर्द्धनिर्मित मकान में गांव के ही जनार्दन तिवारी उर्फ बच्चा तिवारी 55 वर्ष की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
पुलिस जांच के अनुसार मरने और मारने वाले दोनों पक्ष नशे में थे। नशे की हालत में हुई मामूली कहासुनी ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसके बाद इस जघन्य घटना को अंजाम दिया गया।
सासाराम डीएसपी-दो संजीव कुमार के अनुसार जनार्दन तिवारी की हत्या ईंट-पत्थरों से वार करने और गला दबाकर की गई है।
शव मिलने पर मचा हड़कंप 10 घंटे तक डटे रहे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात गांव के ही ओमप्रकाश शर्मा के अर्द्धनिर्मित मकान में जनार्दन तिवारी समेत कुल पांच लोग मौजूद थे और सभी ने शराब पी रखी थी।
किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद जनार्दन तिवारी की हत्या कर दी गई और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को घटनास्थल से उठाकर दूसरी जगह फेंक दिया गया।
मंगलवार की सुबह जब ग्रामीण टहलने निकले तो उन्होंने शव देखा, जिसके बाद यह खबर पूरे गांव में फैल गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी व डीएम तथा एसपी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर करीब 10 घंटे तक शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने नहीं दिया।
थानाध्यक्ष रामचंद्र चौपाल व सीओ पंकज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
अधिकारियों के समझाने के बाद शांत हुए लोग
एसडीएम प्रिया रानी व डीएसपी संजीव कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन और उचित कार्रवाई के भरोसे के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया।
मामले की बारीकी से जांच के लिए डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया था। सनातनी चंदन तिवारी समेत कई ग्रामीणों ने मृतक की विधवा को सरकारी सहायता राशि व पुत्र को नौकरी देने की मांग की है।
एसडीम ने सरकारी प्रविधानों के तहत हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। स्वजनों के बयान पर पुलिस ने एक नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी की है एवं आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है।









