अंतर्राष्ट्रीय

Russia-Ukraine War: बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद जेट-चालित ड्रोन से रूसी हमले, कीव के सामने नई चुनौती

Russia-Ukraine War: रूस ने मंगलवार को कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट-चालित दर्जनों ड्रोन से हमला किया। यूक्रेन की वायुसेना ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मॉस्को राजधानी और अन्य शहरों पर दिन-रात जारी बमबारी के बूते दबाव बनाकर यूक्रेन को झुकाने की कोशिश कर रहा है।

रूसी हमले में नए जेट-चालित ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है, जो इतनी तेज गति और इतनी अधिक ऊंचाई पर उड़ते हैं कि यूक्रेन की जमीन आधारित वायु रक्षा प्रणालियां उन्हें मार गिराने में सक्षम नहीं हैं। यूक्रेन इस चुनौती से निपटने के लिए तेज गति से उड़ने वाले अवरोधक ड्रोन विकसित करने में जुटा है। यह युद्ध के कारण सैन्य नवाचार को बढ़ावा मिलने का एक नया उदाहरण है, लेकिन नए हथियारों का निर्माण और उन्हें तैनात करने में महीनों लगते हैं।

रूस की बैलिस्टिक मिसाइलें भी यूक्रेन की वायु रक्षा में सेंध लगाने में सफल रही हैं, क्योंकि यूक्रेन के पास अमेरिका निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी है, जो मॉस्को के बैलिस्टिक हमलों को रोकने का एकमात्र भरोसेमंद तरीका मानी जाती हैं।

ईरान युद्ध के कारण पैट्रियट मिसाइलों का भंडार काफी कम हो गया है और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अनुरोधों के बावजूद यूक्रेन को इस साल इनकी सीमित संख्या ही मिली है। यूक्रेन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया, जिससे संकेत मिलता है कि कीव को हाल में कुछ और पैट्रियट मिसाइलें मिली हैं। कड़ाके की सर्दियों के महीनों के करीब आने के साथ वायु रक्षा की जरूरत बढ़ रही है।

रूस की ओर से 24 फरवरी, 2022 को आक्रमण शुरू करने के बाद से सर्दियों के दौरान यूक्रेन की बिजली संबंधी अवसंरचना पर हमले बढ़े हैं। इस रणनीति के तहत रूस यूक्रेन के आम नागरिकों को गर्मी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित करने की कोशिश करता है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाओं ने कीव में डेटा प्रसंस्करण केंद्रों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल मॉस्को के अनुसार यूक्रेनी सेना करती है। यूक्रेन युद्धक्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहा है।

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