
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 14 के तहत इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों के लिए 25 वर्षों के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस प्रदान किया है।
घरों, खेतों, दुकानों, औद्योगिक इकाइयों और कार्यालयों सहित क्षेत्र के 8.3 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता दो वितरण लाइसेंसधारियों के बीच चयन करने में सक्षम होंगे क्योंकि इलेवन पावर का नेटवर्क उनके क्षेत्र में पहुंच जाएगा।
यह राज्य में दिया गया पहला समानांतर वितरण लाइसेंस है और विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत भारत में कहीं भी दिए गए कुछ मुट्ठी भर में से एक है। अधिनियम की धारा 14 एक से अधिक वितरण लाइसेंसधारी को एक ही क्षेत्र में काम करने की अनुमति देती है, जो मुंबई में पहले से ही लागू एक ढांचा है। लाइसेंस में नूंह और गुरुग्राम राजस्व जिलों और उपभोक्ताओं की सभी श्रेणियों को शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र के घरों, खेतों और व्यवसायों को वितरक का विकल्प मिलता है।
विभिन्न वर्गों के कड़े विरोध के बावजूद यह कदम उठाया गया है।
अपनी याचिका में, इलेवन पावर ने सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को गैर-भेदभावपूर्ण आधार पर बिजली की आपूर्ति करने और अधिनियम की धारा 43 के तहत अनुरोध पर आपूर्ति करने, आयोग की विद्युत आपूर्ति संहिता में निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर नए कनेक्शन जारी करने के लिए प्रतिबद्ध किया है। यह नेटवर्क लाइसेंस क्षेत्र के सभी पांच डिवीजनों – गुरुग्राम उप-शहरी, गुरुग्राम सिटी, मानेसर, सोहना और नूंह में पांच वर्षों में चरणों में बनाया जाएगा।
इलेवन पावर के चेयरमैन सुनील सचदेवा ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व का दिन है और गुरुग्राम और नूंह में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जिनके पास अब वितरक का विकल्प होगा। हम आयोग को उसके आदेश के लिए धन्यवाद देते हैं और जिस सावधानी के साथ हमारी याचिका की विस्तृत और सार्वजनिक प्रक्रिया के माध्यम से जांच की गई है। हमने आयोग के समक्ष जो रखा है, हम उसे पूरा करेंगे: उपभोक्ता की हर श्रेणी को विश्वसनीय आपूर्ति, समय पर नए कनेक्शन, और मुख्य रूप से नवीकरणीय स्रोतों से ली गई बिजली।









