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गणेश चतुर्थी स्पेशल Modak Recipe: घर में बनाएं ऐसे मोदक, स्वाद ऐसा कि बाजार की मिठाई भूल जाएंगे

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। गोल आकार, मुलायम बाहरी परत और अंदर नारियल-गुड़ की मीठी भरावन वाला मोदक इस पर्व की खास मिठाई मानी जाती है। बाजार में कई तरह के मोदक मिलते हैं, लेकिन घर पर बने मोदक की बात ही अलग होती है। परिवार के लोग मिलकर इसे तैयार करें तो त्योहार का उत्साह और बढ़ जाता है।

अगर आप भी इस गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा के लिए मोदक बनाना चाहते हैं तो चावल के आटे से तैयार होने वाली यह आसान रेसिपी आजमा सकते हैं।

मोदक बनाने के लिए सामग्री

बाहरी परत के लिए:

  • चावल का आटा – 1 कप
  • गर्म पानी – करीब 1 से 1.25 कप
  • घी – 1 छोटा चम्मच
  • नमक – एक चुटकी

भरावन के लिए:

  • कसा हुआ ताजा नारियल – 1 कप
  • गुड़ – ¾ कप
  • इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • कटे हुए काजू-बादाम – 2 बड़े चम्मच
  • घी – 1 छोटा चम्मच
  • सबसे पहले तैयार करें मीठी भरावन

एक कड़ाही में एक छोटा चम्मच घी गर्म करें और उसमें कसा हुआ नारियल डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें। इसके बाद इसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें।

गुड़ पिघलने के बाद नारियल और गुड़ को अच्छी तरह मिलाते हुए धीमी आंच पर पकाएं। मिश्रण को बहुत ज्यादा गीला न रखें।

अब इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए काजू-बादाम डालकर अच्छी तरह मिला दें। भरावन तैयार होने के बाद गैस बंद कर इसे ठंडा होने दें।

ध्यान रखें कि भरावन पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही मोदक में भरें, इससे मोदक को आकार देना आसान रहेगा।

चावल के आटे से ऐसे तैयार करें परत

एक बर्तन में करीब 1 से 1.25 कप पानी गर्म करें। इसमें एक छोटा चम्मच घी और एक चुटकी नमक डालें। पानी में उबाल आने पर गैस धीमी कर दें।

अब इसमें धीरे-धीरे चावल का आटा डालते हुए लगातार चलाएं, ताकि गांठ न बने। बर्तन को ढककर करीब 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें।

मिश्रण थोड़ा ठंडा होने पर हाथों पर हल्का घी लगाकर इसे नरम आटे की तरह अच्छी तरह गूंथ लें। जरूरत हो तो हाथों को थोड़ा गीला कर सकते हैं।

आटा न बहुत सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ढीला। इसकी नरम बनावट से मोदक की बाहरी परत आसानी से तैयार होगी।

अब दें मोदक को खूबसूरत आकार

तैयार आटे की छोटी-छोटी लोई बना लें। एक लोई को हाथ से दबाकर छोटी कटोरी जैसा आकार दें। कोशिश करें कि किनारे बीच की तुलना में थोड़े पतले रहें।

इसके बीच में तैयार नारियल-गुड़ की भरावन रखें। अब किनारों पर हल्की-हल्की सिलवटें बनाते हुए उन्हें ऊपर की तरफ एक साथ लाएं।

सभी किनारों को हल्के हाथ से बंद कर दें और ऊपर से मोदक का पारंपरिक आकार दें। इसी तरह सभी लोइयों से मोदक तैयार कर लें। अगर मोदक बनाते समय आटा सूखने लगे तो उसे ढककर रखें, इससे आकार देते समय दरारें कम पड़ेंगी।

भाप में 10-15 मिनट पकाएं

अब स्टीमर या किसी गहरे बर्तन में पानी गर्म करें। मोदक को स्टीमर की प्लेट पर थोड़ा-थोड़ा अंतर छोड़कर रखें। मोदक को मध्यम आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक भाप में पकाएं। जब बाहरी परत हल्की चमकदार और अच्छी तरह पक जाए तो गैस बंद कर दें।

मोदक को कुछ मिनट ठंडा होने दें और फिर सावधानी से प्लेट में निकालें। ऊपर से हल्का घी लगाया जा सकता है। इस तरह तैयार गरमागरम मोदक को भगवान गणेश को भोग में अर्पित करें।

स्वाद के साथ परंपरा से जुड़ने का मौका

मोदक सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि गणेश चतुर्थी की पूजा और परंपरा से जुड़ा खास प्रसाद भी माना जाता है। नारियल, गुड़ और मेवों की भरावन इसे स्वादिष्ट बनाने के साथ इसकी पारंपरिक पहचान भी बनाए रखती है।

घर पर मोदक बनाने की खासियत यह है कि मिठास अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा रखी जा सकती है। बच्चों और बड़ों के साथ मिलकर मोदक बनाना त्योहार की खुशी को और खास बना देता है।

इस गणेश चतुर्थी पर बाजार की मिठाई के साथ एक बार घर के बने ताजे मोदक से भी बप्पा का भोग लगाएं और परिवार के साथ त्योहार की मिठास साझा करें।

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