
शाहपुर प्रखंड के बेनवलिया गांव की पूनम देवी की दुनिया घर-गृहस्थी तक सीमित थी। पति की थोड़ी आय से परिवार चलाना आसान नहीं था। अपनी जमीन नहीं थी। बड़ा कारोबार भी नहीं था। पूंजी का भी अभाव था।
पति जेनरेटर चलाकर मुहल्ले में बिजली पहुंचाते थे, जिससे 12 से 15 हजार रुपये महीने में घर का गुजारा होता था। पूनम वर्ष 2018 में दीपक जीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहीं से उनके संघर्ष को नई दिशा मिली।
उन्होंने खुद कुछ करने का फैसला लिया। छोटे कदम से कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे इसे विस्तार देती गईं। आज पूनम आइसक्रीम बनाती हैं। खुद बेचती हैं। कई अन्य छोटे कारोबार भी चला रही हैं।
उनके कारोबार से अब 12 लोगों को रोजगार मिल रहा है। कभी सीमित आमदनी में परिवार चलाने वाली पूनम आज खुद रोजगार देने वाली बन गई हैं। उनका संघर्ष बताता है कि हौसला हो तो छोटी शुरुआत भी बड़े बदलाव की वजह बन सकती है।
85 हजार से शुरू किया आइसक्रीम का कारोबार
समूह से जुड़ने के बाद पूनम ने वर्ष 2018 में 50 हजार रुपये ऋण लिया और अपनी बचत के 35 हजार रुपये मिलाकर 85 हजार रुपये की लागत से आइसक्रीम बनाने की मशीन खरीदी।
शुरुआत में वह आइसक्रीम बनाकर स्थानीय बाजार में आपूर्ति करती थीं। कारोबार बढ़ा तो खुद बिक्री करने का फैसला लिया। वर्ष 2020 में 50 हजार रुपये ऋण लेकर दो ठेले खरीदे।
इसके बाद व्यवसाय को बढ़ाने का सिलसिला जारी रहा। वर्ष 2021 में 50 हजार रुपये से फ्रिज और 2024 में 60 हजार रुपये के ऋण से दूसरा फ्रिज खरीदा।
व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें पीएमएफएमई योजना से भी जोड़ा गया, जिसके तहत सीड कैपिटल के रूप में 40 हजार रुपये की सहायता मिली।
एक मशीन से 12 ठेलों तक पहुंचा कारोबार
फिलहाल पूनम के पास आइसक्रीम बनाने की मशीन, दो फ्रिज और बिक्री के लिए 12 ठेले हैं। इन ठेलों के माध्यम से गांवों और आसपास के इलाकों में आइसक्रीम बेचने के लिए उन्होंने 12 मजदूरों को काम पर रखा है।
गर्मी के मौसम में उनकी आइसक्रीम की मासिक बिक्री एक लाख रुपये से अधिक पहुंच जाती है। इसमें करीब 45 से 55 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा होता है। सर्दी में बिक्री कम होकर करीब 18 से 20 हजार रुपये मासिक रह जाती है।
रोजगार में मिली सफलता से हौसले को मिले पंख
आइसक्रीम के कारोबार से मिली सफलता ने पूनम का आत्मविश्वास और बढ़ाया। उन्होंने किराना दुकान शुरू की, जिससे करीब 14 से 22 हजार रुपये प्रतिमाह आय होती है।
गाय खरीदकर दूध का व्यवसाय भी शुरू किया। गाय से प्रतिदिन करीब 26 लीटर दूध मिलता है, जिसमें 20 लीटर दूध 40 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचती हैं। इसके अलावा सात महीने तक बर्फ की सिल्ली बेचकर भी करीब 10 हजार रुपये प्रतिमाह कमाती हैं।
जनरेटर, आइसक्रीम निर्माण और बिक्री, किराना दुकान, दूध और बर्फ के कारोबार से पूनम देवी की औसत मासिक आमदनी करीब 85 से 90 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
कभी सीमित आमदनी में परिवार चलाने वाली पूनम अब खुद कारोबार खड़ा करने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार का जरिया बन गई हैं।









