
अहियापुर थाना क्षेत्र के मुरादपुरदुल्ला में रिटायर दारोगा विश्वनाथ सिंह के बंद घर के चारों तरफ पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी गई। घटना के वक्त उनका परिवार पटना में था।
देर रात पड़ोसी ने फोन कर घटना की सूचना दी। रिटायर दारोगा के पुत्र राजकुमार सिंह ने अज्ञात पर घर में आग लगाकर परिवार के सदस्यों को जिंदा जला कर मारने की साजिश का आरोप लगाया है।
उन्होंने अहियापुर थाने में लिखित शिकायत दी है। राजकुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका परिवार पटना के आशियाना मोड़ के पास रहता है। मुरादपुरदुल्ला में उनकी विधवा भाभी और भतीजा रहते हैं। भाभी सरकारी शिक्षक हैं। वह बिहार से बाहर बेटे की प्रतियोगी परीक्षा दिलाने बाहर गई हैं।
घटनास्थल से मिले साजिश के सबूत
घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पड़ोसियों से संपर्क किया। पड़ोसियों ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। अहियापुर पुलिस और फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग से घर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि, संपत्ति को हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
अहियापुर पुलिस ने एफएसएल की टीम को भी बुलाया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से अलग-अलग स्थानों से सैंपल एकत्र किए। वहीं पुलिस को घर के गैलरी में 2 लीटर वाले पानी वाले प्लास्टिक बोतल में पेट्रोल मिला है।
आसपास माचिस की तीलियां भी बिखरी मिलीं। एफएसएल टीम ने आग लगने वाले स्थानों और संदिग्ध हिस्सों की जांच कर जरूरी नमूने लिए हैं। इन सैंपलों की जांच के बाद आग लगाने में पेट्रोल या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल की पुष्टि होने की उम्मीद है।
जांत में जुटी पुलिस
पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले या बाद मैं कोई संदिग्ध इलाके में देखा गया था या नहीं। इसके अलावा घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालने की तैयारी है।
इधर, राजकुमार सिंह का कहना है कि घर के चारों तरफ पेट्रोल छिड़क कर आग लगाना सामान्य आगजनी नहीं हो सकती। फिलहाल, पुलिस घटना के पीछे आपसी विवाद, पुरानी रंजिश या किसी अन्य कारण की भी जांच कर रही है।
इधर, अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की है और एफएसएल टीम ने भी सैंपल एकत्र किए हैं।









