
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र भूमिहीन लाभुकों के लिए बड़ी पहल की गई है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 11 हजार भूमिहीनों को 15 से 30 दिनों के भीतर आवास बनाने के लिए भूखंड उपलब्ध कराया जाए। सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार भूखंड खरीदने के लिए लाभुकों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
15-30 दिन में जमीन देने का निर्देश
मंत्री ने कहा कि पात्र भूमिहीन परिवारों को आवास योजना का लाभ देने में जमीन की कमी बाधा नहीं बननी चाहिए। अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
49 लाख से अधिक आवासों का मिला लक्ष्य
श्रवण कुमार ने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक बिहार को केंद्र सरकार से करीब 49 लाख 16 हजार आवासों का लक्ष्य मिला है। इनमें लगभग 43 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि करीब छह लाख आवासों को पूरा कराने का प्रयास जारी है।
सर्वे में एक करोड़ से अधिक नाम, पात्र 62-63 लाख
मंत्री ने पीएम आवास के सर्वेक्षण में सामने आई विसंगति की भी समीक्षा के निर्देश दिए। सर्वे में एक करोड़ चार लाख 90 हजार से अधिक नाम सामने आए हैं, जबकि वास्तविक पात्र लाभुकों की संख्या करीब 62 से 63 लाख बताई गई है। अधिकारियों को इसकी गहन जांच करने को कहा गया है।
2026-27 में 11.18 लाख नए आवासों का लक्ष्य
बिहार को वर्ष 2026-27 के लिए 11 लाख 18 हजार 937 नए आवासों का लक्ष्य मिला है। मंत्री ने वीबी-जी राम जी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। निर्धारित समय में योजना पूरी नहीं होने पर जुर्माने का भी प्रविधान है।









