
सीतामढ़ी के सदर अस्पताल परिसर स्थित कैदी वार्ड से पुलिस अभिरक्षा को धता बताकर फरार कुख्यात फेकन कुमार को एसटीएफ की एक विशेष टीम ने सोमवार की मध्य रात करीब दो माह बाद गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ की टीम ने उसे गाढ़ा थाना क्षेत्र के गाढ़ा गांव में छापेमारी कर दबोचा है। परसौनी थाना क्षेत्र के सुंदरगामा निवासी फेकन कुमार फरारी के बाद से लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

फेकन कुमार 28 जुलाई को सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार हो गया था। वह पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस अभिरक्षा में रहने के दौरान उसने शौचालय का वेंटिलेटर तोड़ दिया और उसी रास्ते से निकलकर फरार हो गया। उस समय उसकी सुरक्षा में एक हवलदार, दो गृहरक्षक और दो सैप जवान तैनात थे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बावजूद फेकन के फरार होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में हवलदार संतोष प्रसाद समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
साथ ही नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर फेकन की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों द्वारा लगातार छापेमारी कराई जा रही थी, लेकिन जिला पुलिस उसे दोबारा पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई।आखिरकार एसटीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर गाढ़ा में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जेल से बाहर आते ही शुरू कर दी थी लूट की वारदात
पुलिस के अनुसार, फेकन कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है। दो जुलाई की देर रात रीगा थाना क्षेत्र के रेवासी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान वह गोली लगने से जख्मी हुआ था। इससे करीब दस दिन पहले ही वह लूटकांड में जेल से बाहर आया था। जेल से निकलने के बाद वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया। 29 जून को परसौनी थाना क्षेत्र के पमरा पुल के समीप उसने बाइक लूट की घटना को अंजाम दिया।
इसके बाद एक जुलाई को उसी लूटी गई बाइक से रीगा थाना क्षेत्र के अन्हारी चौक स्थित सीएसपी केंद्र में घुसकर हथियार के बल पर संचालक से डेढ़ लाख रुपये लूट लिए थे। सीएसपी केंद्र में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने फेकन की पहचान की और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई।
सीएसपी लूट की घटना के अगले ही दिन फेकन अपने शागिर्दों के साथ नगर थाना क्षेत्र के हुसैना पुल के समीप किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचा था। पुलिस को उसकी गतिविधियों की भनक लग चुकी थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। इस दौरान फेकन बाइक लेकर फरार होने में सफल रहा, जबकि उसके चार शागिर्द पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
इसके बाद पुलिस ने जिले के विभिन्न मार्गों पर वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी क्रम में रीगा थाना क्षेत्र के रेवासी गांव स्थित आम के बगीचे के पास पुलिस टीम की नजर फेकन पर पड़ी।
पुलिस को देखते ही उसने पुलिस टीम पर तीन राउंड फायरिंग की दी। इसमें एक गोली रीगा थाना की गाड़ी में लगी। इसके बाद थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस बल ने जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस की ओर से चलाई गई दो राउंड गोली में एक गोली फेकन के पैर में लगी और वह बाइक से गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। लेकिन, 28 जुलाई को मौका मिलते ही उसने शौचालय का वेंटिलेटर तोड़ा और पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया।









