जापान में भारतीय प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए अनुकूलित रणनीतियों, समर्थन की आवश्यकता है: भारत-जापान मानव संसाधन संबंधों को आकार देने पर राजदूत

नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) जापान में जापान के राजदूत केइची ओनो ने शुक्रवार को कहा कि जापान में भारतीय प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए तैयार की गई रणनीतियों और समर्थन तंत्र की जरूरत है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कार्यबल की कमी का सामना कर रहे हैं।
ओनो ने यहां ‘कौशल विकास: द्विपक्षीय मानव संसाधन सहयोग के अगले अध्याय’ विषय पर आयोजित भारत-जापान हितधारक परामर्श में कहा कि भारत और जापान को आपसी विश्वास बनाए रखने के लिए लोगों के बीच आदान-प्रदान को गहरा करना चाहिए और दोनों देशों के बीच कर्मियों की दोतरफा आवाजाही के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘आपसी विश्वास बनाए रखने और विकसित करने के लिए भारतीय और जापानी लोगों के बीच गहरी बातचीत को बढ़ावा देना जरूरी है। जैसा कि हम पहले ही वीडियो में देख चुके हैं, पिछले साल वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था – अगले पांच वर्षों में 500,000 से अधिक कर्मियों का दोतरफा आदान-प्रदान। इसमें भारत से लेकर जापान तक 50,000 कुशल कर्मी और उच्च क्षमता वाली प्रतिभाएं शामिल हैं।









