बिहारराज्य

पटना के 4.80 लाख बिजली उपभोक्ताओं ने नहीं जमा किया संपत्ति कर, निगम की नजर अब इन पर

संपत्ति कर का दायरा बढ़ाने के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह में शुरू किया गया विशेष अभियान नगर निगम की राजस्व वृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा। अब तक की गई कालिंग में 4,80,437 बिजली उपभोक्ताओं ने स्वीकार किया कि वे संपत्ति कर जमा नहीं करते और उनकी संपत्ति का कर निर्धारण नहीं हुआ है।

शुक्रवार से नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर निगम का तीन स्तरीय राजस्व संवर्धन अभियान शुरू हो गया है।

पहले दिन 516 संपत्तिधारकों से 24.95 लाख कर संग्रह

अभियान के तहत चिह्नित बिजली उपभोक्ताओं की संपत्तियों का कर निर्धारण भी शुरू कर दिया गया है। राजस्व संवर्धन अभियान के पहले दिन 516 संपत्तिधारकों से 24.95 लाख रुपये कर संग्रह किया गया।

इसमें नई संपत्तियों का कर निर्धारण भी शामिल है। नगर निगम क्षेत्र में फिलहाल 6.97 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि इनमें से 6.18 लाख के मोबाइल नंबर ही उपलब्ध हैं।

3.10 लाख संपत्तियां ही कर के दायरे में

नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर के दायरे में फिलहाल केवल 3.10 लाख संपत्तियां दर्ज हैं। संपत्ति कर संग्रह का दायरा बढ़ाने के लिए निगम के कंट्रोल रूम में 26 सदस्यीय विशेष टीम काम कर रही है।

टीम प्रतिदिन बिजली उपभोक्ताओं को फोन कर उनकी संपत्ति से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। जल्द ही इस कार्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।

4,771 नई संपत्तियां कर दायरे में शामिल

चालू वित्तीय वर्ष में सितंबर के प्रथम सप्ताह तक 4,771 नई संपत्तियों को कर के दायरे में शामिल किया गया है। इनमें 3,306 संपत्तिधारकों ने निगम के काउंटर पर जाकर और 1,465 ने आनलाइन माध्यम से स्व-कर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की है। इनमें से 67.13 प्रतिशत संपत्तिधारकों ने मौके पर ही भुगतान किया है।

पाटलिपुत्र अंचल में सबसे अधिक नई संपत्तियां

पाटलिपुत्र अंचल में सर्वाधिक 1,196 नई संपत्तियां कर दायरे में आई हैं। अजीमाबाद में 796, बांकीपुर में 495, कंकड़बाग में 803, नूतन राजधानी में 1,012 तथा पटना सिटी अंचल में 469 संपत्तियां कर के दायरे में शामिल हुई हैं। निगम का लक्ष्य अधिक से अधिक संपत्तियों को कर के दायरे में लाना है।

4,911 संपत्तियों का किया गया पुनः कर निर्धारण

चालू वित्तीय वर्ष में सितंबर के प्रथम सप्ताह तक 4,911 संपत्तियों का पुनः कर निर्धारण किया गया है। ये वे संपत्तियां हैं, जिनके मूल कर निर्धारण के बाद संपत्ति के स्वरूप, निर्मित क्षेत्रफल अथवा अन्य विवरण में परिवर्तन या विस्तार हुआ है। संपत्तिधारकों ने स्वयं आगे आकर संपत्ति का पुनः कर निर्धारण कराया है।

फील्ड सर्वे में 137 संपत्तियां चिह्नित

नगर निगम के फील्ड सर्वे के दौरान 137 ऐसी संपत्तियों को चिह्नित किया गया, जिनका वास्तविक विवरण पूर्व निर्धारित कर विवरण से अलग पाया गया। इन संपत्तियों का निगम द्वारा पुनर्मूल्यांकन किया गया। नियमों के अनुसार इन पर 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।

तीन स्तरीय अभियान में इन कार्यों पर जोर

  • कर दायरे से बाहर की संपत्तियों का कर निर्धारण किया जाएगा।
  • पंजीकृत संपत्तियों के कर निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन होगा।
  • 1.50 लाख बकायेदार संपत्तिधारकों से 80 करोड़ रुपये संपत्ति कर की वसूली की जाएगी।
  • कंकड़बाग में सबसे अधिक उपभोक्ता चिह्नित

अंचलवार संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले चिह्नित बिजली उपभोक्ताओं में अजीमाबाद के 68,664, बांकीपुर के 81,781 और कंकड़बाग के 1,00,610 उपभोक्ता शामिल हैं।

नूतन राजधानी में 1,04,798, पाटलिपुत्र में 94,346 और पटना सिटी में 30,238 बिजली उपभोक्ताओं को चिह्नित किया गया है।

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