उत्तर प्रदेशराज्य

फेंका गया जूता-पत्थर… बाराबंकी में भारी बवाल के बीच चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस पर लगाए ये आरोप

उत्तर प्रदेश के गोंडा में हुए चर्चित विनोद सहनी हत्याकांड ने पूरे प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है. इस बीच पीड़ित परिवार से मिलने गोंडा जा रहे आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद को जब पुलिस ने बाराबंकी में रोकने की कोशिश की तो हंगामा खड़ा हो गया. शाहपुर टोल प्लाजा से लेकर रामनगर थाना क्षेत्र तक पुलिस और चंद्रशेखर के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई.

चंद्रशेखर आजाद ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन भारतीय जनता पार्टी के एजेंट की तरह काम कर रहा है और दलित-पिछड़ों की आवाज दबाने के लिए जातिगत आधार पर बदसलूकी कर रहा है. चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव, जूते-चप्पल फेंके जाने और गाड़ियों में तोड़फोड़ के आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. सर्किट हाउस के बाहर धरने पर बैठने से लेकर बाराबंकी एसपी कार्यालय तक चंद्रशेखर के तीखे तेवर और पुलिस से तीखी नोकझोंक के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

शाहपुर टोल प्लाजा से रामनगर तक हाई वोल्टेज ड्रामा

आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद गोंडा में विनोद सहनी, रमेश कोरी और अयोध्या में राम लगन मौर्य के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे. रास्ते में शाहपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने बैरियर लगाकर उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया. इससे नाराज समर्थकों की पुलिस से कहासुनी हुई और बैरियर टूट गया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें रामनगर थाना क्षेत्र में ‘रूट डायवर्जन’ का हवाला देकर दोबारा रोक लिया.

चंद्रशेखर आजाद का आरोप है कि पुलिस ने धार्मिक आयोजन का झूठा बहाना बनाकर उनके काफिले को जानबूझकर उस रास्ते पर मोड़ा जहां पहले से हमले की साजिश रची गई थी.

पुलिस की मौजूदगी में फेंके गए पत्थर और जूते-चंद्रशेखर का आरोप

रामनगर में रोके जाने के दौरान चंद्रशेखर आजाद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी झड़प हुई. चंद्रशेखर ने सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों पर हमलावरों को शह देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘एक सब-इंस्पेक्टर (अभय सिंह) के इशारे पर तख्तियों के पीछे छिपे लोगों ने उनके काफिले पर पत्थर और जूते फेंकने शुरू कर दिए. हमले में हाई कोर्ट के अधिवक्ता सनी समेत कई कार्यकर्ताओं की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए.

चंद्रशेखर के अनुसार, हमले में करीब 12 से 13 कार्यकर्ता घायल हुए हैं. एक कार्यकर्ता के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया जबकि दूसरे कार्यकर्ता की आंख में गंभीर चोट आई है.

पुलिस पर जातिसूचक गालियां देने और अभद्रता का आरोप

मौके पर ही जमीन पर धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा ‘पुलिस सरासर भाजपा की एजेंट बनकर काम कर रही है. ये कुछ लोगों को आगे खड़ा करके जातिगत झगड़ा कराना चाहती है. पुलिस के अधिकारी हमारे कार्यकर्ताओं को जाति के आधार पर गालियां दे रहे हैं, अपमानित कर रहे हैं और लाठी उठा रहे हैं. इनसे एक दलित सांसद बर्दाश्त नहीं हो रहा है, जो इनकी आंखों में आंखें डालकर मुकाबला कर रहा है.’ उन्होंने आगे कहा कि पुलिस उनसे इसलिए डर रही है क्योंकि विनोद सहनी और राम लगन मौर्य की हत्या के पीछे की सच्चाई सामने आ जाएगी.

एसपी ऑफिस पहुंचे सांसद

रामनगर से पैदल मार्च करते हुए चंद्रशेखर आजाद जब बाराबंकी के एसपी दफ्तर पहुंचे तो वहां भी माहौल काफी तनावपूर्ण रहा. बाद में एएसपी (उत्तरी) और अन्य अधिकारियों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर ने दो अलग-अलग लिखित तहरीर (शिकायत) सौंपी.

पहली तहरीर: अधिवक्ता सनी की ओर से गाड़ियों में तोड़फोड़ और जानलेवा हमले को लेकर दी गई.

दूसरी तहरीर: कार्यकर्ताओं पर हुए हमले, पथराव और घायल हुए एक दर्जन से अधिक लोगों के संबंध में दर्ज कराई गई.

हालांकि बाद में एएसपी द्वारा स्थिति को संभालने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद बातचीत आगे बढ़ी. लेकिन चंद्रशेखर ने साफ कर दिया कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज निकालकर निष्पक्ष जांच की जाए.

सीबीआई जांच की मांग और मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम

चंद्रशेखर आजाद ने विनोद सहनी हत्याकांड की सीबीआई (CBI) जांच की मांग दोहराई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस ने आरोपी अधिकारियों और हमलावरों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और अपनी गलती नहीं मानी तो आजाद समाज पार्टी पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेगी. उन्होंने ऐलान किया कि जहां-जहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम होंगे उनकी पार्टी के कार्यकर्ता वहां जाकर विरोध प्रदर्शन दर्ज कराएंगे

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button