लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शख्स की लॉ डिग्री रद्द

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से कथित तौर पर जुड़े एक वकील की बीए-एलएलबी की डिग्री एक विश्वविद्यालय ने रद्द कर दी है।
थाना प्रभारी तेज पाल सिंह ने बताया कि रजबपुर पुलिस थाने ने कथित तौर पर जाली दस्तावेज जमा करने और धोखाधड़ी करने के लिए वकील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और बार काउंसिल को पत्र भेजकर उनका पंजीकरण रद्द करने की मांग की है।
वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी अरुण कुमारन द्वारा 28 सितंबर को दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, दिल्ली के पश्चिम विहार के निवासी दीपक नंदा ने 2019 में विश्वविद्यालय के बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। नंदा ने जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा कथित तौर पर जारी कक्षा 12 की मार्कशीट और प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया।
प्राथमिकी में कहा गया है कि उन्होंने 2024 में पाठ्यक्रम पूरा किया और बाद में एक वकील के रूप में अभ्यास करने के लिए बार काउंसिल के साथ पंजीकरण कराया।
पुलिस ने बताया कि दीपक खत्री उर्फ दीपक नंदा की संलिप्तता वाले कथित हथियारों की तस्करी के मामले में दिल्ली अपराध शाखा की जांच के दौरान यह मामला सामने आया।
9 सितंबर को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी से नंदा के दाखिले और शैक्षिक रिकॉर्ड मांगे थे और दस्तावेजों को सत्यापन के लिए भेजा था।
जम्मू-कश्मीर बोर्ड ने 19 सितंबर को अपराध शाखा को सूचित किया कि उसे अपने रिकॉर्ड में प्रमाण पत्र नहीं मिला और इसे फर्जी घोषित कर दिया। शिकायत के अनुसार, वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय को चार दिन बाद इस घटनाक्रम के बारे में पता चला। विश्वविद्यालय ने बाद में नंदा की डिग्री रद्द कर दी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से उनका पंजीकरण रद्द करने का अनुरोध किया।
पुलिस ने कहा कि यह भी आरोप है कि नंदा गैंगस्टर बिश्नोई का प्रतिनिधित्व करता था और विभिन्न जिलों में अपने गिरोह के सदस्यों को कानूनी सेवाएं प्रदान करता था। उन्होंने कहा कि ये आरोप चल रही जांच का हिस्सा हैं।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी), 336 (जालसाजी) और 340 (2) (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और इसे असली के रूप में इस्तेमाल करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।








