बिहारराज्य

8 घंटे से अधिक ड्यूटी पर मिले ओवरटाइम का पैसा, बिहार पुलिस एसोसिएशन ने की सैलरी में 3 भत्ते जोड़ने की मांग

बिहार पुलिस एसोसिएशन की जिला शाखा ने पुलिस अधिकारियों के लंबे कार्य-घंटों और उससे जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई है।

जिला अध्यक्ष राज कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर 8 घंटे से अधिक ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए ओवरटाइम, रिस्क और हार्डशिप अलाउंस लागू करने की मांग की गई।

एसोसिएशन ने कहा कि सरकार की ओर से साल में 30 दिनों का अतिरिक्त वेतन यानी 13वां महीना दिया जाता है, लेकिन यह व्यावहारिक रूप से पर्याप्त नहीं है।

पुलिसकर्मियों को करना पड़ता है ओवर टाइम

पुलिस अधिकारी रोजाना 14 से 18 घंटे तक लगातार ड्यूटी करने को विवश हैं। 13वें महीने का वेतन केवल 240 अतिरिक्त घंटों की भरपाई करता है, जबकि एक पुलिसकर्मी साल में औसतन 1,500 से 1,800 घंटे अतिरिक्त काम करता है। इस अतिरिक्त कार्य के लिए कोई अन्य आर्थिक लाभ नहीं मिलता।

बैठक में कहा गया कि अत्यधिक दबाव और बिना विश्राम काम करने से पुलिस बल में हार्ट अटैक, बीपी और डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं।

एसोसिएशन ने राज्य सरकार और गृह विभाग के सामने नीतिगत मांगें रखीं। इनमें 8 घंटे की मानक ड्यूटी के बाद हर अतिरिक्त घंटे के भुगतान के लिए बेसिक पे और डीए के आधार पर पारदर्शी गणना फार्मूला तय करना शामिल है।

सरकारी बजट को संतुलित रखने के लिए प्रति माह 40 से 50 घंटे की अधिकतम सीमा तय करने और थानों में डिजिटल लॉग-बुक के जरिए इसकी निगरानी करने का प्रस्ताव भी दिया गया।

मासिक वेतन में जुड़े हार्डशिप अलाउंस

एसोसिएशन ने कहा कि तकनीकी कारणों से ओवरटाइम लागू करने में देरी हो, तो 13वें महीने के स्थान पर पुलिस अधिकारियों के मासिक वेतन में सम्मानजनक विशेष हार्डशिप और रिस्क अलाउंस जोड़ा जाए।

एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी ने अपर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ इस मुद्दे पर विशेष बैठक आयोजित करने की मांग की।

बैठक में सचिव गौतम कुमार, उपाध्यक्ष रामसुभग सिंह, कोषाध्यक्ष विवेक कुमार और संयुक्त सचिव अमरेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद थे।

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