भारत संग मिलकर काम करेगा चीन, चीनी विदेश मंत्री से मिले अजित डोभाल

भारत और चीन के राजनयिक संबंधों के अगले साल 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इससे पहले दोनों देशों ने अपने रिश्तों को सुधारने की नई पहल शुरू कर दी है। चीन के दौरे पर गए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बीजिंग में बुधवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। दोनों के बीच बैठक के दौरान एलएसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखने और चार साल से अधिक समय से ठप द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। चीन-भारत के विशेष प्रतिनिधियों की 23वीं बैठक बुधवार को बीजिंग में आयोजित हुई। यह पांच वर्षों के बाद दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच पहली बैठक थी। भारत और चीन ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए छह बिंदुओं पर सहमति बनाई। इन सहमतियों में सीमा पार पर्यटन (तिब्बत जैसे क्षेत्रों में), सीमा पार नदियों पर सहयोग और नाथुला सीमा व्यापार को बढ़ावा देना शामिल है।
बैठक के बाद चीन ने कहा कि वह भारत के साथ हुए समझौतों को लागू करेगा। चीन भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन ईमानदारी से मतभेदों को सुलझाने के लिए तैयार है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने चीन-भारत सीमा मुद्दे पर सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत की और छह सहमतियों पर पहुंचे। दोनों पक्षों ने सीमा मुद्दों पर अब तक हुए समाधान की सकारात्मक समीक्षा की और इस बात पर बल दिया कि इन समाधानों को लागू करने का कार्य जारी रहना चाहिए। दोनों पक्ष अगले वर्ष भारत में विशेष प्रतिनिधियों की एक नई बैठक आयोजित करने पर सहमत हुए। बैठक की सटीक तिथि कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से तय की जाएगी। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक और गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक स्थिर, पूर्वानुमानित और सकारात्मक चीन-भारत संबंध की महत्ता पर जोर दिया।








