फूट डालने वाली राजनीति और समुदायों के बीच टकराव पैदा करने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए बेहद घातक हैं और हमारे शहीदों के आदर्शों के खिलाफ हैं — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

खटकड़ कलां/बलाचौर, 6 मई 2026 — पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज देशभर में चल रही फूट डालने वाली राजनीति पर तीखा हमला करते हुए चेतावनी दी कि समुदायों के बीच टकराव पैदा करने के लिए रची जा रही साजिशें देश को उन आदर्शों से दूर ले जा रही हैं, जिनके लिए शहीद-ए-आजम भगत सिंह और अन्य शहीदों ने बलिदान दिए थे।
शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में मत्था टेकने के बाद “शुक्राना यात्रा” के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी दोषी कानूनी खामियों का फायदा उठाकर सजा से बच न सके।
अपने एक्स (X) हैंडल पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, “आज मैंने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह जी के जन्म स्थान खटकड़ कलां की पवित्र धरती पर नतमस्तक होकर हमारे शहीदों की महान कुर्बानियों को नमन किया। ‘शुक्राना यात्रा’ में शामिल श्रद्धालुओं का हर कदम हमारे लिए बहुत मायने रखता है।”
उन्होंने आगे लिखा, “परमात्मा की कृपा से हमें बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने का अवसर मिला है, जिसके लिए हम गुरु साहिब के आभारी हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सार्वभौमिक संदेश ‘सरबत के भले’ का मार्ग दिखाता है। लोगों की धार्मिक भावनाओं की रक्षा और जनकल्याण के लिए हमारा कार्य लगातार जारी रहेगा।”
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार अपने महान शहीदों के दिखाए रास्ते पर चल रही है, लेकिन भगत सिंह और उनके साथियों का देखा हुआ आजादी का सपना अभी अधूरा है। उन्होंने कहा कि आज फूट डालने वाली राजनीति और समुदायों में टकराव पैदा करने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं, जो लोकतंत्र और राष्ट्रवाद की भावना के खिलाफ हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रही है और उनके बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने देगी। उन्होंने बताया कि एक विश्वस्तरीय संग्रहालय बनाया जा रहा है, ताकि दुनिया को यह पता चल सके कि भारत की आजादी शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान वीरों की कुर्बानियों से मिली है।
उन्होंने कहा कि “शुक्राना यात्रा” की शुरुआत तख्त श्री केशगढ़ साहिब से की गई है और इसका उद्देश्य परमात्मा का धन्यवाद करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी की घटनाओं ने लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और पहले आरोपी कानूनी खामियों का फायदा उठाकर बच निकलते थे। अब नए कानून में सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिनके तहत अगर कोई आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर घोषित होता है, तो उसके अभिभावकों या देखभाल करने वालों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कानून के तहत कम से कम 10 साल तक जमानत नहीं मिलेगी और गंभीर मामलों में सजा उम्रकैद तक हो सकती है।
अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कभी ऐसे कानून का समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि उनके नाम खुद इन घटनाओं से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी 25 साल राज करने का दावा करते थे, आज उन्हें चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार भी नहीं मिल रहे।
बलाचौर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां यह यात्रा पहुंच रही है, वहां बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार 2022 में जनता द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा रही है और किए गए वादों को पूरा कर रही है।
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने बताया कि आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, सरकारी स्कूलों में सुधार किया गया है, 90% घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, सीवरेज सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है और अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को दिन में मुफ्त बिजली दी जा रही है, हजारों किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई हैं और नहरों को पुनर्जीवित किया गया है, ताकि हर खेत तक पानी पहुंचे।
अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए, जो अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं।









