पाकिस्तान को पीस नहीं, प्रोक्सी वॉर पर भरोसा

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमरीकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ तीन घंटे के इंटरव्यू में कहा कि मेरी ताकत मेरे नाम में नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों और देश की कालातीत संस्कृति और विरासत के समर्थन में निहित है। जब मैं विश्व के नेताओं से हाथ मिलाता हूं, तो ऐसा मोदी नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीय करते हैं। जब भी हम शांति की बात करते हैं, तो दुनिया हमारी बात सुनती है, क्योंकि भारत गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि है। मैंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को आमंत्रित किया था, ताकि शांति का एक नया अध्याय शुरू कर सकूं, लेकिन शांति के हर प्रयास का सामना दुश्मनी और विश्वासघात से हुआ। पाकिस्तान को पीस नहीं, बल्कि प्रोक्सी वॉर पर भरोसा है। खास बात यह है कि पाकिस्तान के लोग शांति चाहते हैं। हम पूरी ईमानदारी से आशा करते हैं कि पाकिस्तान को एक दिन सद्बुद्धि आएगी और वह शांति का रास्ता अपनाएगा। अपनी आलोचना के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं किसी भी तरह की आलोचना का स्वागत करता हूं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह लोकतंत्र की आत्मा है। चीन के साथ संबंधों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे संबंध भविष्य में भी इसी तरह मजबूत बने रहेंगे।
राष्ट्रपति शी के साथ मेरी बैठक के बाद हमने सीमा पर सामान्य स्थिति की वापसी देखी है। हम 2020 से पहले के स्तर पर स्थितियों को बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं। विश्वास में समय लगेगा, लेकिन हम बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने संघर्ष के बजाय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी एशिया की सदी है। भारत और चीन को स्वाभाविक रूप से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, टकराव नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पॉडकास्ट में 2002 के दंगों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी, 2002 को मेरी सरकार बजट पेश करने वाली थी, तभी हमें गोधरा ट्रेन हादसे की सूचना मिली। यह बहुत गंभीर घटना थी। लोगों को जिंदा जला दिया गया। हमने प्रदेश को संभालने के लिए तत्परता से काम किया। उस समय
विपक्ष सत्ता में था और उन्होंने हमारे खिलाफ झूठे मामलों में हमें सजा दिलाने की पूरी कोशिश की। उनके प्रयासों के बावजूद, न्यायपालिका ने दो-दो बार जांच के बाद हमें निर्दोष पाया। आरोपियों को सजा मिल चुकी है। सबसे बड़ी बात है कि 2002 से पहले गुजरात में लगातार दंगे होते रहे, लेकिन 2002 के बाद कोई बड़ी घटना नहीं हुई।







