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बिहार में सडक़ों पर टायर जले, ट्रेनों की रफ्तार थमी, ईसी की वोटर वेरिफिकेशन पर महागठबंधन का चक्का जाम

बिहार में चुनाव आयोग के वोटर वेरिफिकेशन को लेकर चल रहा विवाद अब सडक़ों और रेल पटरियों तक पहुंच चुका है। बुधवार को महागठबंधन की ओर से बुलाए गए बिहार बंद और चक्का जाम का व्यापक असर देखने को मिला। सडक़ से लेकर रेलवे स्टेशन तक विरोध प्रदर्शन तेज रहा। इस दौरान सात शहरों में ट्रेनें रोकी गईं और 12 नेशनल हाई-वे जाम किए गए। कई जगह टायर जलाए गए। पटना में इनकम टैक्स चौराहे से राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और दीपांकर भट्टाचार्य एक गाड़ी पर सवार होकर प्रदर्शन करते चुनाव आयोग के ऑफिस के लिए निकले। पुलिस ने सभी नेताओं को सचिवालय थाने के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया। उन्हें यहां से आगे जाने की परमिशन नहीं दी गई।
यहीं से कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद सभी नेता लौट गए। यहां से चुनाव आयोग का ऑफिस करीब 150 मीटर दूर था। बंद की शुरुआत हाजीपुर से हुई, जहां आरजेडी कार्यकर्ताओं ने गांधी सेतु पर जाम लगा दिया। इसके बाद पटना के मनेर में राष्ट्रीय राजमार्ग 30 को बाधित कर दिया गया। चक्का जाम के चलते पटना से हाजीपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों तक आवागमन प्रभावित हुआ। जहानाबाद के कोर्ट स्टेशन पर पटना-गया रेल को रोका गया। पटना के सचिवालय हॉल्ट स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेल पटरी पर बैठकर प्रदर्शन किया। दरभंगा में बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोका गया और कार्यकर्ता रेल ट्रैक पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। बिहार बंद का असर बुधवार को कई ट्रेनों पर देखने को मिला। करीब एक दर्जन ट्रेनें इससे प्रभावित हुईं, जिनमें ज्यादातर समस्तीपुर मंडल की हैं।








