नुकसान की भरपाई करेगी सरकार, बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे सीएम मान का आश्वासन

होशियारपुर-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि पंजाब अब तक की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है। साथ ही, उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और इस संकट से उबारने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को होशियारपुर जिला के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी हाई स्कूल, मियाणी के राहत शिविर में रह रहे बाढ़ पीडि़त परिवारों से मुलाकात की और उनकी दुख-तकलीफों को सुना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से राज्य को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के बचाव और राहत के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण समय में राहत कार्यों के लिए पहले ही व्यापक स्तर पर कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों को संकट से निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निचले इलाकों से लोगों को निकालने और उन्हें तत्काल राहत देने के लिए प्रशासन को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ एकजुट होकर बचाव और राहत कार्य करने को कहा गया है, ताकि लोगों की अधिक से अधिक मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों को हुए नुकसान की एक-एक पाई की भरपाई करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न स्थिति पर वह लगातार नजर रखे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने रड़ा पुल और अन्य स्थानों का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर भारत सरकार से राज्य के रुके हुए 60000 करोड़ रुपए के फंड को तत्काल जारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हाल में आई बाढ़ से 1000 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं और लाखों लोगों का जनजीवन पटरी से उतर गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लगभग तीन लाख एकड़ कृषि भूमि, मुख्य रूप से धान के खेत, बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिसके कारण फसल कटाई से कुछ हफ्ते पहले ही फसलों का भारी नुकसान हुआ है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पशुओं का भी काफी नुकसान हुआ है, जिससे अपनी आजीविका के लिए डेयरी फार्मिंग और पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत, सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, विधायक ब्रह्म शंकर जिम्पा, विधायक जसवीर सिंह राजा गिल, विधायक करमबीर सिंह घुम्मण, डीआईजी नवीन सिंगला, डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, एसएसपी संदीप कुमार मलिक और अन्य भी मौजूद थे।








