
चंडीगढ़, 8 जनवरी :
छात्रों के लिए सीखने के माहौल को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के 852 सरकारी स्कूलों में नवीनीकरण कार्यों के लिए 17.44 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। इस पहल का उद्देश्य अकादमिक विकास के लिए छात्रों को एक सकारात्मक और उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।
यह जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि विभाग ने राज्य भर में फंड का समान वितरण सुनिश्चित किया है। अमृतसर को 1.58 करोड़ रुपये, बरनाला को 44.64 लाख रुपये, बठिंडा को 76.02 लाख रुपये, फरीदकोट को 50.31 लाख रुपये, फतेहगढ़ साहिब को 23.22 लाख रुपये, फाजिल्का को 1.13 करोड़ रुपये, फिरोजपुर को 40.41 लाख रुपये, गुरदासपुर को 1.18 करोड़ रुपये से अधिक, होशियारपुर को 97.44 लाख रुपये, जालंधर को 97.41 लाख रुपये, कपूरथला को 20.52 लाख रुपये, लुधियाना को 1.50 करोड़ रुपये, मलेरकोटला को 15.75 लाख रुपये, मानसा को 61.11 लाख रुपये, मोगा को 32.74 लाख रुपये, मुक्तसर को 46.47 लाख रुपये, पठानकोट को 37.11 लाख रुपये, पटियाला को 1.50 करोड़ रुपये, रूपनगर को 78.14 लाख रुपये, एसबीएस नगर को 25.29 लाख रुपये, संगरूर को 2.45 करोड़ रुपये, एसएएस नगर (मोहाली) को 42.87 लाख रुपये और तरनतारन को 59.49 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
सरदार बैंस ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (सेकेंडरी) को निर्देश दिए हैं कि यह राशि सीधे संबंधित स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए, ताकि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
इस पहल को मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के सभी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरदार बैंस ने कहा,
“एक उज्ज्वल, स्वच्छ और सुव्यवस्थित स्कूल वातावरण बच्चों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। हम अपने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकारी स्कूलों को शैक्षणिक पुनरुत्थान का केंद्र बनाने में हम सफल होंगे।”
उन्होंने आगे कहा,
“स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक शैक्षणिक मानकों के अनुरूप बनाकर हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला हर बच्चा खुद को प्रेरित, मूल्यवान और एक अच्छा शिक्षार्थी महसूस करे।”






