
हरियाणा के पंचकूला में सीबीआई की विशेष अदालत ने 657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में दो आरोपियों रणधीर सिंह और मनीष जिंदल की जमानत याचिकाएं शुक्रवार को खारिज कर दीं। सीबीआई द्वारा दायर पहले चार्जशीट में दोनों आरोपियों को नामजद किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) में वित्त एवं लेखा मुख्य नियंत्रक के पद पर तैनात रणधीर सिंह ने वित्त विभाग के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में धोखाधड़ी से परिषद का खाता खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीबीआई ने आरोप लगाया कि रणधीर सिंह ने खाता खोलने के दस्तावेजों में अपने निजी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया ताकि लेन-देन की सूचना सीधे उसे मिल सके। धोखाधड़ी वाले डेबिट और क्रेडिट लेनदेन से संबंधित एसएमएस अलर्ट प्राप्त करने के बावजूद, वह कथित तौर पर सुधारात्मक कार्रवाई करने में विफल रहा।









