
चंडीगढ़; 24 जनवरी :
पंजाब के स्थानीय सरकार मामलों के मंत्री संजीव अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की एक अहम विश्व स्तरीय स्ट्रीट परियोजना की शुरुआत की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लुधियाना शहर को सुरक्षित, समावेशी, टिकाऊ और स्मार्ट गतिशीलता के मॉडल में बदलना है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोगों के लिए सुंदर और आधुनिक ढंग की सड़कों वाले शहर के सपने को बुनियादी रूप से साकार करने का प्रयास है।
परियोजना का विवरण साझा करते हुए पंजाब के स्थानीय विकास मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि 10 प्रमुख शहरी गलियारों में 15 किलोमीटर सड़कों का आधुनिक “कम्प्लीट स्ट्रीट” दृष्टिकोण के तहत व्यापक पुनर्विकास किया जाएगा, जिसमें वाहनों की आवाजाही के साथ-साथ पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों, सार्वजनिक परिवहन उपयोगकर्ताओं और सड़क विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मंत्री ने कहा, “इसका उद्देश्य सड़कों को सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से लोगों के लिए उपलब्ध कराना है। ये सड़कें अब केवल ट्रैफिक गलियारे नहीं रहेंगी, बल्कि जीवंत सार्वजनिक स्थान बनेंगी जो सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल होंगी।”
परियोजना की मुख्य विशेषताओं के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि इसके तहत 15 किलोमीटर विश्व स्तरीय सड़कें, 5.3 किलोमीटर समर्पित सुलभ फुटपाथ तथा 15.7 किलोमीटर सीमांकित साइकिल लेन और समर्पित साइकिल ट्रैक विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 40 रेन और सन-शेल्टर, 10 सार्वजनिक शौचालय, 36 वाटर एटीएम की स्थापना के साथ-साथ आजीविका के लिए 250 वेंडिंग स्थान भी बनाए जाएंगे।
परियोजना की संभावनाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी पेड़ नहीं काटा जाएगा; इसके अतिरिक्त 3,633 से अधिक नए पेड़ लगाए जाएंगे और हरित वातावरण के निर्माण हेतु 54 रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग पिट बनाए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि आंधी-तूफान या वर्षा जल निकासी के लिए नई ड्रेनेज व्यवस्था, एलईडी स्ट्रीट लाइटें, लैंडस्केपिंग और जंक्शन सुधार भी किए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि 162 करोड़ रुपये की इस परियोजना को पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड द्वारा पायलट किया जा रहा है, जिसकी टेंडरिंग प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है और इसे अगस्त के अंत तक लागू करने की योजना है। मंत्री ने कहा, “परियोजना में सुव्यवस्थित और बाधा-रहित डिजाइन तत्व शामिल होंगे, जिनमें कर्ब रैंप, टैक्टाइल पेविंग, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और टेबलटॉप क्रॉसिंग शामिल हैं, ताकि सभी के लिए पहुंच सुनिश्चित की जा सके।”
कार्यान्वयन मॉडल की व्याख्या करते हुए संजीव अरोड़ा ने कहा कि परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत लागू किया जाएगा, जिससे उच्च गुणवत्ता का निर्माण और दीर्घकालीन रख-रखाव सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा, “रियायतधारी रख-रखाव चरण के दौरान रख-रखाव के लिए जिम्मेदार होगा, जिसकी वार्षिक संचालन एवं रख-रखाव लागत निर्माण लागत का अनुमानित 2.5 प्रतिशत होगी।”
व्यापक प्रभाव के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि यह परियोजना हरित बुनियादी ढांचे के माध्यम से स्थिरता को एकीकृत करती है, गैर-मोटराइज्ड परिवहन को प्रोत्साहित करती है और बेहतर साइनज, स्ट्रीट फर्नीचर, समर्पित पार्किंग, साइकिल स्टैंड, पुलिस बूथ और शहर के गेटवे के जरिए सड़क सुरक्षा को बढ़ाती है। मंत्री ने आगे कहा, “विशेष गलियारों—जिनमें शेरपुर चौक से जगराओं पुल, मॉडल टाउन रोड और गिल नहर पुल से गिल गांव शामिल हैं—को विशिष्ट डिजाइन थीमों के साथ पुनर्विकसित किया जाएगा।”
इस पहल के महत्व को दोहराते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह परियोजना आधुनिक, जन-केंद्रित शहर बनाने के पंजाब सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “यह परियोजना जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करेगी, भीड़भाड़ कम करेगी, सड़क सुरक्षा बढ़ाएगी, स्थानीय कारोबारों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और लुधियाना को उत्तरी भारत में शहरी परिवर्तन के एक नए उदाहरण के रूप में स्थापित करेगी।”









