
धूरी, 15 फ़रवरी:
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्रद्धेय श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर में माथा टेका। दोनों नेताओं ने इस ऐतिहासिक सिद्ध पीठ में पूजा-अर्चना कर पंजाब और देश की शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।
त्योहार के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महाशिवरात्रि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा पर्व है और उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सदैव हर नागरिक पर बनी रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोने और प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस से लेकर श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व तक, पंजाब अपनी महान विरासत को गर्व और श्रद्धा के साथ सम्मान देता आ रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ धूरी स्थित श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर में प्रार्थना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि महादेव की दिव्य ऊर्जा मन को शांति और आत्मा को नई शक्ति प्रदान करती है तथा भगवान शिव का आशीर्वाद देश और पंजाब को तरक्की एवं समृद्धि की ओर अग्रसर करता रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी ‘एक्स’ पर लिखा कि महाशिवरात्रि के अवसर पर उन्होंने अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ धूरी हलके के गांव रणिके स्थित श्री रणकेश्वर मंदिर में भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और देश, पंजाब की शांति, खुशहाली और सद्भावना के लिए प्रार्थना की।
दोनों नेताओं ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह सत्य की खोज, आत्म-अनुशासन और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर मालवा क्षेत्र में एक अत्यंत सम्मानित सिद्ध पीठ है, जिसका संबंध प्राचीन काल और महाभारत कालीन मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है।
अंत में अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी विरासत को समझें, अपनाएँ और उस पर गर्व कर सकें।









