
संगरूर, 5 मार्च 2026:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार के आगामी बजट में आर्थिक विकास को तेज करने के साथ-साथ लोगों के कल्याण के लिए कई नए जन-हितैषी कदम उठाए जाएंगे। जिला संगरूर में “लोक मिलनी” कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए और बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान जनता के पैसे का जिम्मेदारी से उपयोग किया है, 90% से अधिक घरों को मुफ्त बिजली प्रदान की है, 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं और बिना रिश्वत या सिफारिश के 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व का पंजाब की वास्तविकताओं से संबंध टूट चुका है और उन्हें सत्ता में वापस आने के सपने देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की कि जहां पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसरों की जरूरत है, वहीं सुखबीर सिंह बादल गांवों में ताश के टूर्नामेंट करवाने की बात कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों ने पंजाब पर कर्ज का बोझ डाला है और अपने हितों के लिए काम किया है, जबकि पंजाब सरकार सरकारी खजाने के हर पैसे का उपयोग लोगों के कल्याण के लिए कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की पंजाब के फंड रोकने और ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए लोगों को बांटने की कोशिशों की भी आलोचना की।
लोक मिलनी कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“पंजाब सरकार के आने वाले बजट में आर्थिक विकास को गति देने के साथ कई जन-हितैषी पहलें पेश की जाएंगी। पिछले चार वर्षों में सरकार ने करदाताओं के पैसे का समझदारी से उपयोग करते हुए पंजाब के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। आने वाला बजट लोगों को बड़ी राहत देने वाला होगा। पंजाब के इतिहास में पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा और यह राज्य के आर्थिक विकास को और तेज करेगा।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार जनता के हित में सार्वजनिक धन का सावधानी से उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए मुफ्त बिजली और दिन के समय बिजली आपूर्ति जैसी बड़ी पहलों ने घरों और किसान समुदाय को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा,
“आज पंजाब के 90% से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है, जो अभूतपूर्व है। ऐसे समय में जब देश की संपत्तियां केंद्र सरकार द्वारा अपने करीबी मित्रों को कौड़ियों के भाव दी जा रही हैं, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है।”
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया है और चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच का विस्तार किया है।
“लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला देश का पहला राज्य है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।
नशों के खिलाफ अभियान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान शुरू किया है, जिसके तहत नशे की सप्लाई लाइन को तोड़ा गया है और इसमें शामिल तस्करों को जेल भेजा गया है। लोगों के सहयोग से यह अभियान अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की मौजूदा वित्तीय स्थिति पिछली सरकारों की नीतियों का परिणाम है, जिन्होंने राज्य पर भारी कर्ज डाल दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब पर भारी कर्ज इसलिए चढ़ाया क्योंकि वे आम आदमी की चिंता नहीं करते थे। पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार ने राज्य के कर्ज में 35% से अधिक की कमी लाई है। हर सरकार कर्ज लेती है, लेकिन वह उत्पादक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि असली मुद्दों को हल करने के बजाय लोगों को बांटने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा धर्म के आधार पर देश को बांटकर नफरत की राजनीति करती रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के फंड रोकने के बजाय केंद्र सरकार को राज्य को उसके अधिकार के फंड जारी करने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी की लड़ाई, खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता और देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पंजाब के ग्रामीण विकास फंड सहित कई फंड रोक दिए हैं, जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने चल रहे युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में फंसे पंजाबियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि 370 पंजाबियों की पहचान की गई है जो खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम गांवों की सत्तों में आयोजित किए जाते हैं, जिनका ग्रामीण जीवन में बहुत महत्व है।
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने गांवों में ताश (सीप) प्रतियोगिताएं कराने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय ऐसे बयान देना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पारंपरिक पार्टियों को इसलिए नकार दिया है क्योंकि उन्होंने हमेशा अपने परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद पंजाब सरकार ने राज्य और उसके लोगों की प्रगति और समृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया है।
उन्होंने कहा कि अकाली दल अब राजनीतिक रूप से कमजोर हो चुका है और लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार 16 मार्च को अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करेगी और इस दौरान कई जन-हितैषी फैसले लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन से जुड़े मामलों पर भी बात करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए फैसले किए, जिससे राज्य के खजाने को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को रात भर खेतों में बिजली का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें दिन में बिजली मिल रही है।
सिंचाई और जल प्रबंधन में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी सरकार बनी थी तब केवल 21% नहर का पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा था, जबकि अब यह बढ़कर 68% हो गया है। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए 6,900 किलोमीटर नहरों और 18,349 खालों को पुनर्जीवित किया गया है।
रोजगार और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और सिफारिश के दी गई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए गए हैं, जहां स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल के मैदान उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है ताकि वे आधुनिक शिक्षण तकनीकों को अपनाकर छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकें। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकारी स्कूलों के छात्र भी जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व ने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है, जिसे पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे।
उन्होंने अंत में कहा कि पंजाब के लोग अकाली नेतृत्व को उनके पिछले कार्यों के लिए आगे भी नकारते रहेंगे और राज्य के विकास के लिए पंजाब सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।









