
चंडीगढ़, 27 मार्च:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया मानक स्थापित किया है। 8 जनवरी 2026 से शुरू हुई इस योजना के तहत तीन महीनों से भी कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी देकर पूरे देश में मिसाल कायम की गई है।
योजना के कार्यान्वयन की गति और पैमाने के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से राज्य के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 30,51,325 लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। कुल स्वीकृत उपचार लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके अलावा 71,000 दावों का निपटारा किया जा चुका है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
इस उपलब्धि को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब ने हर मापदंड पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। पंजीकरण, कवर किए गए परिवारों और इलाज किए गए मरीजों—हर पहलू में पंजाब पहले स्थान पर है।”
अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कहा कि सरकार ने एक मजबूत प्रणाली स्थापित की है। 31 मार्च तक के सभी बकाया भुगतान 15 अप्रैल तक जारी कर दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का कोई बकाया नहीं रहेगा।
1 अप्रैल से लागू होने वाली नई भुगतान प्रणाली के तहत 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के दावों का भुगतान एक सप्ताह के अंदर किया जाएगा। विवादित मामलों को भी एक महीने के भीतर सुलझा लिया जाएगा।
योजना के प्रभाव को बताते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है—एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज कराया। इसके अलावा 100 से अधिक हृदय रोगों सहित जटिल उपचार भी इसमें शामिल किए गए हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि पटियाला मेडिकल कॉलेज में ‘रप्चर्ड साइनस’ जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल उपचार किया गया।
उन्होंने कहा कि जब सरकार 292 करोड़ रुपये मुफ्त इलाज पर खर्च कर रही है, तो इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है और उनका पैसा बच रहा है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ समन्वय कर पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।









