
चंडीगढ़/अमृतसर, 16 अप्रैल: — Bhagwant Singh Mann के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर Inter-Services Intelligence समर्थित सीमा पार आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। आरोपी के कब्जे से चार पी-86 हैंड ग्रेनेड और गोलियों सहित दो विदेशी पिस्तौल बरामद किए गए हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने दी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सागर सिंह के रूप में हुई है, जो Amritsar के गल्लूवाल का रहने वाला है। यह कार्रवाई स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और SSOC मोहाली द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी विदेशी हैंडलरों के निर्देशों पर काम कर रहा था और चंडीगढ़ में ग्रेनेड हमले में शामिल आतंकी मॉड्यूल से उसके संबंध हैं। उन्होंने कहा कि मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की पहचान, ट्रैकिंग और गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच जारी है।
एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान से हैंड ग्रेनेड और हथियारों की एक खेप भेजी गई है, जिसे भारत में सक्रिय मॉड्यूल के स्थानीय सहयोगियों ने प्राप्त कर लिया है और वे आतंकी हमले की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन चलाया गया, जिसके तहत आरोपी सागर सिंह को अमृतसर के खासा-राम तीर्थ रोड से गिरफ्तार कर लिया गया।
एआईजी ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जनवरी 2026 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हैंडलरों के संपर्क में आया था और तब से उनके निर्देशों पर काम कर रहा था। आरोपी ने अपने हैंडलर के कहने पर हथियारों और गोला-बारूद की खेप प्राप्त कर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाई, जिसके बदले उसे पैसे दिए जाते थे। पैसों के लालच में वह इस गतिविधि में शामिल हुआ।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 में आरोपी को अमृतसर देहाती पुलिस ने हथियारों की खेप के साथ गिरफ्तार किया था और मार्च 2026 में जमानत मिलने के बाद उसने एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए अपने हैंडलर से दोबारा संपर्क कर लिया और फिर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया। मामले की आगे जांच जारी है।
इस संबंध में पुलिस थाना SSOC अमृतसर में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4, आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1)(डी) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत एफआईआर नंबर 22 दिनांक 15.04.2026 दर्ज की गई है।









