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विश्व उच्च रक्तचाप दिवस: पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ 40 से 90 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए बनी सहारा, 98 वर्षीय मरीजों को भी मिला लाभ।

Chandigarh, 16 मई 2026 — World Hypertension Day के अवसर पर Government of Punjab की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ उच्च रक्तचाप और इससे जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सस्ती और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर बड़ी राहत प्रदान कर रही है। विभिन्न आयु वर्गों में बढ़ते हाई ब्लड प्रेशर के मामलों के बीच यह योजना पंजाब के हजारों परिवारों को समय पर इलाज और भारी चिकित्सा खर्चों से सुरक्षा दे रही है।

हाइपरटेंशन, जिसे सामान्य तौर पर हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है, को डॉक्टर अक्सर “साइलेंट किलर” कहते हैं। यह बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी रोग जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। यह बीमारी अब लगभग हर आयु वर्ग में देखने को मिल रही है।

अस्पतालों में बुजुर्ग पुरुष जांच रिपोर्टों का इंतजार करते दिखाई देते हैं, महिलाएं अपने पर्स में दवाइयों की पर्चियां संभालकर रखती हैं, जबकि युवा मरीज भी बढ़ती ब्लड प्रेशर रीडिंग्स को लेकर चिंता व्यक्त करते नजर आते हैं। हर मरीज की फाइल के पीछे एक ऐसा परिवार होता है जो बीमारी और बढ़ते इलाज खर्चों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा होता है।

World Health Organization के अनुसार भारत में उच्च रक्तचाप का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, जिसके मुख्य कारण गलत खानपान, तनाव, तंबाकू सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित जीवनशैली हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीजों को इस बीमारी का पता तब चलता है जब गंभीर जटिलताएं पैदा हो चुकी होती हैं। ऐसे बढ़ते स्वास्थ्य संकट के बीच पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो रही है। यह योजना हजारों मरीजों को उच्च रक्तचाप और उससे जुड़ी जटिलताओं का इलाज बिना भारी आर्थिक बोझ के उपलब्ध करवा रही है।

अनियंत्रित रक्तचाप के कारण होने वाले स्ट्रोक, हृदय संबंधी गंभीर आपात स्थितियां, किडनी से जुड़ी बीमारियों के इलाज और अस्पताल में भर्ती होने का खर्च अब इस योजना के तहत कवर किया जा रहा है, जिससे मानसिक तनाव झेल रहे परिवारों को राहत मिल रही है।

पंजाब में अधिकांश मरीज अभी भी मध्यम आयु और बुजुर्ग वर्ग से संबंधित हैं, जिनमें 40 से 80 वर्ष आयु वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार Gurdaspur में 94 वर्ष तक के मरीज दर्ज किए गए, जबकि SAS Nagar में 98 वर्ष तक की आयु के मरीज सामने आए, जो इस बीमारी की गहरी पहुंच को दर्शाते हैं।

Patiala, SAS Nagar, Hoshiarpur, Jalandhar और Faridkot जैसे जिलों में पुरुषों और महिलाओं दोनों में बड़ी संख्या में मामले दर्ज हुए हैं। वहीं Amritsar और Ludhiana के अस्पताल रिकॉर्ड में 50 से 77 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में मामलों की संख्या अधिक पाई गई है।

Dr. Saurabh Sharma, जो सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष हैं, ने कहा कि उच्च रक्तचाप अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। आधुनिक जीवनशैली हर आयु वर्ग के लिए नई स्वास्थ्य चुनौतियां लेकर आ रही है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि तनाव, खराब खानपान, व्यायाम की कमी और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं तथा अब जटिलताएं पहले की तुलना में अधिक तेजी से सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी रोग जैसी समस्याएं भी पहले से जल्दी दिखाई देने लगी हैं।

उनके अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मरीजों को आर्थिक डर के कारण इलाज टालने से रोकती है। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप की आपात स्थिति में देरी कई बार जीवन और मृत्यु के बीच अंतर साबित हो सकती है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समय पर इलाज सुनिश्चित करना है। पहले कई परिवार आर्थिक भय के कारण मरीज को अस्पताल ले जाने में देरी करते थे, जो कई बार घातक साबित होती थी। अब मरीज समय रहते इलाज प्राप्त कर रहे हैं, जिससे सुधार की संभावना बढ़ी है। मध्यम वर्गीय परिवारों, पेंशनरों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना भारी चिकित्सा खर्चों से सुरक्षा का मजबूत सहारा बन गई है।

इस विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर स्वास्थ्य कार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल निपटाए गए मामलों की संख्या नहीं, बल्कि वह सम्मान और आत्मविश्वास है जो इसने मरीजों को दिया है, जिससे अब वे आर्थिक कठिनाइयों के डर के बिना उपचार करवा पा रहे हैं।

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