पंजाब
लोक अदालत ने 2007 में हुए हादसे में शहीद हुए सेना अधिकारी के माता-पिता को 42 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की दैनिक लोक अदालत ने 23 वर्षीय भारतीय सेना अधिकारी कैप्टन परमिला की सड़क दुर्घटना में मौत के लगभग दो दशक बाद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा पूर्व में दिए गए 5.77 लाख रुपये के अलावा उसके माता-पिता को अतिरिक्त 42 लाख रुपये की अनुमति दी है।
एमएसीटी पुरस्कार को चुनौती देने वाली अधिकारी के माता-पिता विजय कुमार टोप्पो और मेरी सी टोप्पो द्वारा दायर अपील में यह समझौता दर्ज किया गया था।
मामले की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जेसी वर्मा और सदस्य न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने कहा, “भारतीय सेना में सेवारत करीब 23 साल की कैप्टन परमिला 24 मई 2007 को दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मौत हो गई।









