उत्तर प्रदेशराज्य

बेटी को मरा समझकर कर दिया अंतिम संस्कार, तेरहवीं भी हो गई… फिर गुजरात से आया एक फोन और उड़ गए सबके होश!

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक परिवार को मातम से खुशी के माहौल में ला दिया. लाल गोपालगंज की रहने वाली 30 साल की प्रीति 2023 में लापता हो गई थी. कई साल तक उसका पता नहीं चला तो परिवार ने एक अज्ञात युवती के शव को प्रीति समझकर अंतिम संस्कार कर दिया. तेरहवीं भी हो गई, लेकिन अब गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र से मिली सूचना ने सबको हैरान कर दिया. वीडियो कॉल पर मां ने अपनी बेटी को जिंदा देखा तो भावुक हो गईं. प्रीति ने कहा, ‘अरे अम्मा, हम जियत हईं…’

2023 में अचानक लापता हो गई थी प्रीति

प्रयागराज के गंगापार इलाके में लाल गोपालगंज के उमरावगंज निवासी बनवारी लाल की 30 साल बेटी प्रीति 13 मई 2023 को अचानक घर से लापता हो गई थी. परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. बेटी का पता नहीं चलने पर मां कमला देवी ने परिवार के साथ मिलकर खोजबीन जारी रखी. इसके बाद एक रिश्तेदार पर शक जताते हुए 16 मई को नवाबगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. हालांकि, लंबे समय तक प्रीति के बारे में कोई सुराग नहीं मिला.

अज्ञात शव को प्रीति समझकर कर दिया अंतिम संस्कार

करीब तीन साल बाद 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर पुलिस ने यश ऐप के जरिए मिलान कर परिवार को एक अज्ञात युवती के शव की जानकारी दी. यह शव चिलुआताल नदी के पास झाड़ियों में मिला था. परिवार के लोग गोरखपुर पहुंचे और शव के कपड़ों, हाथ पर बने टैटू, नाक के तिल और शरीर पर जले के निशानों के आधार पर उसे प्रीति समझ लिया. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया. परिवार ने डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार किए बिना 4 अक्टूबर को पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया. इसके बाद मृत मानकर प्रीति की तेरहवीं भी कर दी गई.

गुजरात के संरक्षण केंद्र से आया फोन

शनिवार को सोरांव के एसीपी श्याम जीत पर्मिला सिंह के पास गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र से फोन आया. केंद्र की ओर से बताया गया कि उमरावगंज की रहने वाली प्रीति सुरक्षित है. पुलिस ने जब उसकी मां कमला देवी को यह जानकारी दी तो उन्हें पहले विश्वास नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए मां की बेटी से बात कराई. जिस बेटी को परिवार मृत समझ चुका था, उसे सामने देखकर सभी भावुक हो गए.

वीडियो कॉल पर गांव वालों को पहचान लिया

शुरुआत में परिवार को शक हुआ कि कहीं वीडियो कॉल पर दिखाई दे रही युवती का वीडियो एआई से बनाया हुआ तो नहीं है. संदेह दूर करने के लिए गांव के कई परिचित लोगों को कैमरे के सामने लाया गया. प्रीति ने उन्हें एक-एक करके नाम से पहचाना और पुरानी बातें भी याद दिलाईं. इससे परिवार का संदेह दूर हुआ. मां से बात करते हुए प्रीति ने अपने गांव की बोली में कहा, ‘अरे अम्मा, हम जियत हईं…’ बेटी की आवाज सुनकर परिवार की आंखें भर आईं. घर में जहां कुछ दिन पहले तक मातम था, वहां अब खुशी का माहौल है.

अब अज्ञात शव की पहचान की जांच करेगी पुलिस

पुलिस की पहल से प्रीति के सुरक्षित होने की जानकारी उसके परिवार तक पहुंची. हालांकि, इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है. जिस युवती के शव को प्रीति समझकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया, वह आखिर किसकी थी? पुलिस अब उस अज्ञात शव की पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है. डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही शव की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल, प्रीति के जिंदा मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन अज्ञात युवती की पहचान का रहस्य सुलझना बाकी है.

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