ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: शी की यात्रा से पहले चीन ने कहा, भारत के साथ मतभेदों को ‘उचित तरीके से सुलझाएगा’

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा से ठीक एक दिन पहले बीजिंग ने शुक्रवार को कहा कि वह मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और संचार एवं सहयोग को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन को लागू करने, द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य’ से देखने और संचार को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करेगा।
माओ ने कहा, ‘चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन पर काम करने, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से संभालने, संचार को आगे बढ़ाने, सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को उचित तरीके से संभालने के लिए भारत के साथ काम करेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को “अच्छे पड़ोसी का आनंद लेने वाले दोस्त और एक-दूसरे को सफल होने में मदद करने वाले साझेदार होना चाहिए”।
माओ ने कहा कि चीन और भारत शी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कजान और तियानजिन में अपनी बैठकों के बाद यह लगातार तीसरा वर्ष होगा जिसमें दोनों नेता मिलेंगे।
यह टिप्पणी मोदी और शी के नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मिलने से एक दिन पहले आई है। शाम 5.45 बजे भारत मंडपम में उनकी बैठक में काफी ध्यान आकर्षित होने की उम्मीद है क्योंकि यह सात वर्षों में शी की पहली भारत यात्रा होगी।
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में लंबे समय तक तनाव के बाद यह वार्ता हो रही है। हाल के महीनों में, दोनों पक्षों ने संबंधों को स्थिर करने और सीमा पर तनाव कम करने के लिए कदम उठाए हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से दोनों नेताओं को व्यापक भारत-चीन संबंधों पर सीधे संपर्क का एक और अवसर मिलने की उम्मीद है।
ब्रिक्स के एजेंडे के बारे में माओ ने कहा कि बीजिंग इस समूह को उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि शी शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्थिति, ब्रिक्स तंत्र के विकास और व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर अन्य नेताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
पश्चिम एशिया और यूक्रेन में संघर्षों के बारे में पूछे जाने पर माओ ने कहा कि चीन सुरक्षा के लिए ‘सामान्य, व्यापक, सहयोगात्मक और टिकाऊ’ दृष्टिकोण का समर्थन करता है और बातचीत के जरिए राजनीतिक समाधान का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा, ‘हम मतभेदों को सुलझाने के लिए संवाद और बातचीत को बढ़ावा देने और संयुक्त रूप से क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति एवं स्थिरता की रक्षा करने के लिए ब्रिक्स देशों के साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं।
बीजिंग ने कहा कि शी के प्रतिनिधिमंडल का विवरण उचित समय पर जारी किया जाएगा। माओ की यह टिप्पणी ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लिए राष्ट्रपति के साथ एक बड़े चीनी व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जाने की खबरों के बीच भी आई है।









