**मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सतलुज पट्टी को बाढ़ से बचाने और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आवागमन सुगम बनाने के लिए 38 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक सड़क का शिलान्यास किया।**

शाहकोट (जालंधर), 19 जून: सतलुज नदी के आसपास के क्षेत्रों को बाढ़ से सुरक्षित रखने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शाहकोट विधानसभा क्षेत्र में 61.82 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली शाहकोट-मोगा-रामपुर रोड से गिद्दड़पिंडी धुस्सी बांध तक लिंक सड़क का शिलान्यास किया।
37.93 किलोमीटर लंबे इस परियोजना का उद्देश्य बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना, क्षेत्रीय संपर्क में सुधार करना और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देना है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सतलुज नदी के किनारे बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए बाढ़ के खतरे से सुरक्षा कवच का काम करेगी। उन्होंने कहा कि शाहकोट और लोहियां क्षेत्र के लोग दशकों से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इस इलाके की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धुस्सी बांध पर बनने वाली यह सड़क लगभग 15 गांवों के 15 से 16 हजार निवासियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगी। यह सड़क शाहकोट-मोगा मार्ग को लोहियां-मक्खू रोड से जोड़ेगी और एक प्रभावी बाईपास के रूप में कार्य करेगी, जिससे यातायात दबाव कम होगा तथा मानसून के दौरान किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों की आवाजाही सुगम बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पूरे राज्य में मजबूत ग्रामीण बुनियादी ढांचा और बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना केवल सड़क निर्माण नहीं बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा, संपर्क, आर्थिक विकास और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 67,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब सिफारिश और भ्रष्टाचार का दौर समाप्त हो चुका है तथा युवाओं को केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर रोजगार मिल रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 990 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं, जहां 107 आवश्यक दवाइयां और 47 प्रकार की जांचें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इन क्लीनिकों में 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी दर्ज की जा चुकी हैं और प्रतिदिन लगभग 84 हजार मरीजों को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
सिंचाई सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पंजाब ने 96 प्रतिशत नहरी जल का उपयोग किया है। किसानों की सुविधा के लिए राज्यभर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें और खालों का निर्माण किया गया है तथा 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे खेती को बड़ा लाभ मिला है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 19 टोल प्लाजा बंद किए जाने से लोगों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।









