सागर शराब कांड में 25 तक पहुंचा मृतकों का आंकड़ा, 200 से ज्यादा बीमार; सरपंच-ठेकेदार समेत 30 पर केस, सियासी कनेक्शन ने मचाई हलचल

प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड में राजनीतिक कनेक्शन सामने आया है। पुलिस ने दो एफआईआर में जिन 30 लोगों को जहरीली शराब के विक्रय और सप्लाई के लिए आरोपित बनाया है, उनमें दो सरपंच और शराब ठेकेदार भी शामिल, जो इस नेटवर्क के प्रमुख लोगों में हैं। वे खुद को सत्ताधारी भाजपा से जुड़ा बताते हैं और अधिकारियों के बीच पैठ रखते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ आरोपितों को प्रदेश के एक पूर्व मंत्री का संरक्षण हासिल था।
सात और लोगों ने तोड़ा दम
उधर, जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को सात और प्रभावितों की मौत हो गई। इनको मिलाकर इस कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। इसमें एक महिला भी शामिल है। किसी-किसी घर में दो दो लोगों की जान अलग-अलग अस्पतालों में गई है। इसकी वजह से प्रभावित गांवों में मातम का माहौल है, गलियों से रोने-पीटने की आवाज आ रही है। अभी लगभग दो सौ लोग अस्वस्थ बताए जा रहे हैं। इनमें 10 से अधिक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
प्रशासन ने साधी चुप्पी
अलबत्ता, प्रशासन ने अब तक हुई कुल मौतों और बीमारों का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। इसके उलट सूचनाओं को छिपाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अस्पतालों में मीडिया को मरीजों के स्वजन से बात करने से रोका जा रहा है। मृतकों में बंडा क्षेत्र के गूगरा, खुर्द खटोरा, पापेट, छपरी और पाटन, बुढ़ना गांव के लोग शामिल हैं।
इनके स्वजन के अनुसार, सभी ने गांव में ही मिली सागर गोल्ड देसी शराब का सेवन किया था। इसके बाद उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और धुंधला दिखाई देने जैसी शिकायतें सामने आईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई लोगों ने दम तोड़ दिया।
बुआ-भतीजे का एक साथ हुआ पोस्टमार्टम
शराब पीने से हालत बिगड़ने पर रविवार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराई गईं श्याम बाई और उनके भतीजे कैलाश अहिरवार की भी सोमवार को मौत हो गई। दोनों का पोस्टमार्टम एक साथ कराया गया। गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह लोधी इंदौर की एक निजी कंपनी में काम करते थे। भाई उजयार सिंह की शराब पीने के बाद मौत की जानकारी मिलने बाद बंडा आए थे। भगवान सिंह ने भी वही शराब पी ली। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बीएमसी में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
उप मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की बात दोहराई, कांग्रेस अध्यक्ष बोले- हत्या हुई है
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सोमवार को मृतकों के स्वजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को राहत देने का भरोसा दिलाया। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन मौतों को हत्या बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जहरीली शराब बनाने और बेचने के पूरे नेटवर्क में शामिल हैं।
राजनीतिक खेमे में धमक रखते हैं आरोपित
जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में बंडा और विनायका थानों में आरोपित बनाए गए करीब 30 लोगों में शामिल सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा शराब ठेकेदार है। वह खुद को भाजपा से जुड़ा बताता है। उसको प्रदेश के पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह का करीबी बताया जा रहा है। उसकी मां सागर जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष हैं।
एक और आरोपित तररवाहा का सरपंच चंदू सिंह ततरवाहा करणी सेना से जुड़ा बताया जा रहा है। छतरपुर का शराब ठेकेदार रोहित शिवहरे भाजपा से जुड़ा है। बंडा निवासी शराब ठेकेदार मनीष लोधी भी एक नेता से जुड़ा है। बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसदार यशवंत सिंह बरेठी के भी राजनेता से जुड़ाव की बात सामने आई है।








