
फिरोजपुर-पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों की सही और जायज मांगों को न मानने के कारण स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन पंजाब द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार जिला फिरोजपुर के सभी विभागों के कार्यालय कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर जिला अध्यक्ष मनोहर लाल के नेतृत्व में बरनाला में राज्य स्तरीय विरोध मार्च में भाग लिया। इस संबंध में मनोहर लाल जिला अध्यक्ष, पिप्पल सिंह सिद्धू राज्य महासचिव, प्रदीप विनायक जिला कोषाध्यक्ष, सोनू कश्यप अध्यक्ष डीसी ऑफिस कर्मचारी यूनियन, हरमीत सिंह अध्यक्ष खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कहा कि बरनाला में विरोध मार्च आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 200 कर्मचारियों ने भाग लिया। नेताओं ने कहा कि बरनाला में आयोजित राज्य स्तरीय विरोध मार्च कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करने का आधार बना। इस विरोध मार्च के बाद राज्य निकाय द्वारा यह घोषणा की गई कि 15 से 17 नवंबर, 2024 तक कोई भी कर्मचारी कार्यालय का काम नहीं करेंगे।
गुरुवार को जिला फिरोजपुर के नेताओं ने विभिन्न कार्यालयों में जाकर जांच की तो फिरोजपुर के सभी कार्यालय बंद मिले तथा सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर थे। उक्त कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगें पुरानी पेंशन स्कीम, डीए की बहाली नहीं हो पाई है। बकाया किस्तों को लागू करने तथा इन बकाया किस्तों का बकाया भुगतान करने, परिवीक्षा अवधि को तीन वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष करने तथा परिवीक्षा अवधि के दौरान पूर्ण वेतन देने, कर्मचारी मृत्यु पत्र दिनांक 17.07.2020 को वापस लेने, त्रुटियों को दूर करन,े छठा वेतन आयोग आदि मांगों को तत्काल पूरा किया जाए। उक्त कर्मचारी नेताओं ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया, तो राज्य इकाई जल्द ही बैठक कर पंजाब सरकार के खिलाफ तीखा संघर्ष करने से गुरेज नहीं करेगी।









