
फरीदकोट-संयुक्त अध्यापक मोर्चा ने ऐलान किया गया है कि पहली दिसंबर को पंजाब सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की गांव गंभीरपुर में विशाल रैली की जा रही है, उसमें सरकारी स्कूल अध्यापक यूनियन पंजाब बड़ी संख्या में भाग लेगी। यह निर्णय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरिंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुखजिंदर सिंह खानपुर, परवीन कुमार लुधियाना, महासचिव गुरप्रीत सिंह मादी मेघा, वित्त सचिव नवीन कुमार सचदेवा, सलाहकार प्रेम चावला, कर्ज सिंह कैरो, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलजिंदर सिंह वडाली, जिंदर पायलट, बलजीत सिंह, परमिंदर पाल सिंह कालिया, बाज सिंह भुल्लर, हरिदेव लुधियाना, मेघ इंदर सिंह बराड़, मनदीप सरथली, जगदीश राय राहों, जगमोहन सिंह और प्रेस सचिव टहल सिंह सराभा ने कहा कि अध्यापकों की मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री पंजाब को बार-बार मांग पत्र दिया जा चुका है, लेकिन वह अध्यापकों की समस्याओं को हल करने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
इससे शिक्षकों में काफी आक्रोश है। उन्होंने बताया के शिक्षकों की मुख्य मांगों में शिक्षा पर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षक विरोधी नीति को रद्द करना, सीईपी टेस्ट के नाम पर उत्पीडऩ बंद करना, विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों को समय पर पदोन्नति देना और स्टेशन चयन के समय सभी पर सख्ती करना शामिल है। उन्होंने बताया के इसके अलावा रिक्त पद, पेंशन स्कीम, कम्प्यूटर अध्यापक की समस्याओं समेत कई और समस्याएं हैं, जिनको हल करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों को सिलेबस के अनुसार ही पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाए और शिक्षकों को दिए जा रहे अनावश्यक काम को रोका जाए। गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स यूनियन पंजाब ने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे पहली दिसंबर को बड़ी संख्या में इस रैली में भाग लें, ताकि पंजाब सरकार की शिक्षक और शिक्षा विरोधी नीति को रोका जा सके।









