नयागांव में नहीं बनने देंगे ईको सेंसेटिव जोन, विनीत जोशी ने उठाया मुद्दा

न्यू चंडीगढ़-स्थानिय दशमेश नगर के ढिल्लों फार्म में दोपर तीन बजे एक जनसभा का अयोजन किया गया। इसमें नयागांव घर बचाओ मंच के अध्यक्ष विनीत जोशी ने संबोधित करते हुए कहा पंजाब सरकार के कानूनों के तहत जमीन खरीदने के लिए रजिस्ट्री का पैसा दिया जाता था, नक्शे पास करवाए जाते थे, तब बिजली और पानी के कनेक्शन दिए जाते थे, मतदाता और आधार कार्ड बनाए जाते थे, बैंक खाते खोले जाते थे,मकान बनाने के लिए होम लोन लिया गया, दुकानों के लिए जीएसटी नंबर भी लिए गए, होटल खोले गए, धार्मिक स्थल बनाए गए, लेकिन अब पंजाब सरकार के पंजाब वन और वन्यजीव विभाग ने सुखना ईको सेंसिटिव जोन ईएसजेड पर एक काला कानून लागू कर दिया है।
जिसे 100 मीटर से बढ़ा कर तीन किलोमीटर तक करने का प्रस्ताव लाया जा रहा है। नयागांव घर बचाओ मंच के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी पंजाब के वरिष्ठ नेता विनीत जोशी ने कहा कि एक ऐसा प्रस्ताव लाकर सब कुछ ध्वस्त करने की तलवार जो कांसल व नयागांव पर लटका दी गई। जोशी ने यह भी कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार जीवन को बेहतर बनाने के लिए होती है, बर्बाद करने के लिए नहीं। उन्होंने वादा किया कि अगर लोगों ने सहयोग दिया तो वे 100 मीटर तो दूर तीन किलोमीटर दूर भी सुखना ईको सेंसेटिव जौन नहीं बनने देंगे। विनीत जोशी ने कहा कि हैरानी की बात है कि पंजाब सरकार अपने 10 साल पुराने फैसले से हटकर 3 किलोमीटर तक सुखना ईजेडजेड बनाने का फैसला ले रही है। भारतीय वन्यजीव संस्थानए देहरादून, जिसे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी मान्यता प्राप्त हैए की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सुखना वन्यजीव अभयारण्य श्रेणी डी में आता है। तो 100 मीटर ईज़ी पर्याप्त है। तो फिर पंजाब सरकार का वन विभाग इससे आगे जाने की कोशिश क्यों कर रहा है। जोशी ने लोगों से इस काले कानून के खिलाफ अपनी याचिकाएं भेजने की अपील की। इसमें मदद के लिए नयागांव घर बचाओ मंच अभियान चलाएगा








