राज्यसभा में चर्चा के दौरान अमित शाह का विपक्ष पर जोरदार हमला

भारतीय संविधान के 75 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर राज्यसभा में चर्चा में भाग लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला और कहा कि संविधान पढऩे का चश्मा अगर विदेशी होगा, तो उस संविधान में भारतीयता कभी नहीं दिखेगी। संविधान ने लोकतंत्र की जड़ें मजबूत की हैं। रक्त की एक बूंद गिरे बिना सत्ता का हस्तांतरण हुआ। श्री शाह ने कहा कि देश में लोकतंत्र की जड़ें पाताल तक गहरी हैं। इसने अनेक तानाशाहों के अहंकार-गुमान को चूर-चूर किया है। जो कहते थे भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पाएंगे, हम आज दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। यह हम सबके लिए गौरव लेने का पल है। संकल्प लेने का पल है। श्री शाह ने कहा कि संविधान का सम्मान सिर्फ बातों में नहीं, कृति में भी होना चाहिए। इस चुनाव में अजीबोगरीब नजारा देखा। आम सभा में संविधान को लहराया नहीं। संविधान लहराकर, झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास कांग्रेस के नेताओं ने किया। संविधान लहराने का मुद्दा नहीं है, संविधान तो विश्वास का विषय है, श्रद्धा का विषय है।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लाने से देश में तुष्टिकरण की शुरुआत हुई थी। अमित शाह ने कहा कि देश में लोकतंत्र है, परिवारवाद नहीं होना चाहिए। हम एक पंथनिरपेक्ष राष्ट्र हैं, यहां तुष्टिकरण की जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने हमेशा परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार को आगे रखा। ये ये तीन काम छोड़ दो, जनता जिता देगी। श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस ने बहुत ही बेशर्मी से संविधान में कई संशोधन किए हैं। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा किए गए पहले संविधान संशोधन की चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तब मौलिक अधिकार से छेड़छाड़ करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीन ली। उन्होंने आरो लगाया कि कांग्रेस ने जब-जब संविधान संशोधन किया, तब-तब आमजन के मौलिक अधिकारों को छीना गया।








