चुनाव आयोग ने जारी किया दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी डाटा

नई दिल्ली
भारत निर्वाचन आयोग (ईसी) ने गुरुवार को दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी डाटासेट जारी किया। इसमें 2024 के लोकसभा चुनाव की 42 और चार राज्यों के विधानसभा चुनावों की 14-14 सांख्यिकीय रिपोट्र्स शामिल हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि डाटा सार्वजनिक करने से पारदर्शिता बढ़ेगी, रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और चुनावी प्रणाली में जनता का विश्वास मजबूत होगा। यह डाटासेट दुनिया भर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और चुनाव पर्यवेक्षकों के लिए उपयोगी होगा। इससे चुनाव नीतियों का गहन विश्लेषण और जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। एक ईसी अधिकारी ने बताया कि यह विस्तृत डाटासेट से लोग चुनावों के बारे में और भी गहराई से जानकारियां हासिल कर सकेंगे। समय के साथ चुनावों में कैसे बदलाव आए हैं, यह भी समझना आसान होगा। चुनाव आयोग की इस पहल से उन आलोचनाओं का जवाब मिलने की उम्मीद है, जिनमें कहा जाता था कि चुनाव आयोग जानकारी नहीं देता।
पहले चुनाव आयोग पर आरोप लगते थे कि वह जानकारी छुपाता है, लेकिन अब इतना बड़ा डेटासेट जारी करके चुनाव आयोग ने पारदर्शिता की ओर एक बड़ा कदम उठाया है। डाटासेट के अनुसार 2024 में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या बढक़र 97.97 करोड़ हो गई है। यह 2019 के 91.19 करोड़ के आंकड़े से 7.43 फीसदी ज़्यादा है। इस बार लोकसभा चुनाव में कुल 64.64 करोड़ वोट पड़े, जो 2019 के 61.4 करोड़ से अधिक हैं। 2019 के मुकाबले इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान का आंकड़ा अलग-अलग रहा। असम के धुबरी में सबसे ज्यादा 92.3 फीसदी वोट पड़े। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सबसे कम 38.7 फीसदी मतदान हुआ, जो 2019 के 14.4 फीसदी से काफी बेहतर है। 11 सीटों पर 50 फीसदी से कम मतदान हुआ। धुबरी और श्रीनगर के मतदान प्रतिशत में जमीन-आसमान का फर्क साफ दिखा। कई जगहों पर कम वोटिंग चिंता का विषय है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कुल 10,52,664 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे।








