52 नहीं, इतने दिन चलेगी अमरनाथ यात्रा, सरकार ने घटाया शेड्यूल

जम्मू-सनातन धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में शामिल अमरनाथ यात्रा का आरंभ जल्द ही होने वाला है, जिससे भक्त बाबा के दर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा 2025 की अवधि को घटा दिया गया है। पिछली बार यह यात्रा कुल 52 दिनों तक चली थी, लेकिन इस बार तीर्थयात्रा तीन जुलाई से आरंभ होकर 38 दिनों तक ही रहेगी। यह फैसला मौसम और यात्रा मार्ग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वहीं सरकार ने यह साफ कहा है कि इस बदलाव का सुरक्षा कारणों से कोई लेना देना नहीं है। वहीं, पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू कश्मीर में पवित्र यात्रा की सुरक्षा के लिए बड़ा सिक्योरिटी प्लान तैयार किया गया।
एक सुनियोजित योजना बनाई गई है, जिसमें सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना शामिल हैं। अमरनाथ यात्रा के काफिले की सुरक्षा के लिए पहली बार पहलगाम-बालटाल रूट पर जैमर लगाए जाएंगे, जिसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) सुरक्षा प्रदान करेगी। काफिले के गुजरने के दौरान सुरक्षा के लिए यात्रा के दोनों रूट और नेशनल हाईवे की ओर जाने वाली सभी सडक़ों को बंद कर दिया जाएगा।
सुरक्षाबलों के पास होंगे सेटेलाइट फोन
अमरनाथ यात्रा के काफिलों को आईईडी हमलों से बचाने के लिए जैमर लगाए जाएंगे। सुरक्षाबलों के पास सेटेलाइट फोन होंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क स्थापित किया जा सके। इसके साथ ही हर यात्री और पोनी राइडर के लिए डिजिटल पहचान पत्र अनिवार्य किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से गाडिय़ों और यात्रियों के पास आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान) लगे होंगे, जिससे उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग की जा सके। इसके अलावा पुलिस और सीआरपीएफ की अलग अलग डेडिकेटेड पीसीआर वैन भी यात्रा मार्ग में गश्त करेंगी।
सिक्योरिटी आडिट और डिजिटल मैपिंग भी
सीआरपीएफ और दूसरे अद्र्धसैनिक बलों की कुल 581 कंपनियां सुरक्षा में तैनात रहेंगी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस भी मौजूद रहेगी। सारे सिक्योरिटी रूट का सुरक्षा ऑडिट और डिजिटल मैपिंग की गई है। सीआरपीएफ डीजी ने खुद पहलगाम जाकर सिक्योरिटी रिव्यू किया है।








