मोहाली में सुखबीर सिंह बादल हिरासत में, बिक्रम मजीठिया की गिफ्तारी का विरोध कर रहे अकाली नेता धरे

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर ङ्क्षसह बादल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने बुधवार को हिरासत में ले लिया। श्री बादल और उनका प्रतिनिधिमंडल कथित तौर पर मोहाली न्यायालय परिसर जा रहा था, जहां उनके बहनोई और वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम ङ्क्षसह मजीठिया को विजिलेंस ब्यूरो की हिरासत में सात दिन की रिमांड के बाद पेश किया जाना था। श्री बादल के साथ मौजूद लोगों में पंजाब के पूर्व मंत्री सिकंदर ङ्क्षसह मलूका, अकाली प्रवक्ता परमबंस ङ्क्षसह बंटी रोमाना, युवा अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत ङ्क्षसह ङ्क्षझजर और कई पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। उनके काफिले को पुलिस बलों ने रोक लिया और श्री बादल के इस दावे के बावजूद कि वे पैदल गुरुद्वारा अंब साहिब जाने का इरादा रखते थे, सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया और पास में खड़ी पुलिस की बसों में ले जाया गया। अकाली नेताओं ने कहा कि वे गुरुद्वारे में श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहे थे। मजीठिया की अदालत में पेशी को लेकर बढ़ी सुरक्षा ङ्क्षचताओं के बीच अधिकारियों ने इसके विपरीत सुझाव दिया था। श्री बादल ने कहा, ‘भगवंत मान ने पंजाब में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है।
आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा झूठे मामले में फंसाए गए मजीठिया के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए आज मोहाली जा रहे अकाली कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही नजरबंद किया जा रहा है और यहां तक कि सभी प्रमुख सडक़ों पर लगाए गए नाकों पर भी उन्हें रोका जा रहा है। इस तरह की दमनकारी हरकतें कायरता की निशानी हैं। यह स्पष्ट है कि मजीठिया के लिए बढ़ते समर्थन से मुख्यमंत्री भगवंत मान बौखला गये हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अकाली दल और उसके कार्यकर्ता इस तरह की दमनकारी हरकतों से नहीं डरेंगे। पहले भी अकालियों ने जनांदोलनों के जरिये दमन का मुकाबला किया है। अब भी हम पंजाबियों के समर्थन से भ्रष्ट और तानाशाही आम आदमी पार्टी सरकार को करारा सबक सिखाएंगे। उल्लेखनीय है कि 25 जून को अमृतसर में ग्रीन एवेन्यू स्थित अपने आवास से गिरफ्तार किए गए मजीठिया पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में गंभीर आरोप हैं और वह ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग से कथित संबंधों के लिए जांच के दायरे में हैं। उनकी हाई-प्रोफाइल हिरासत ने पूरे पंजाब में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। पुलिस ने एसएएस नगर न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी, यहां तक कि न्यायालय कर्मियों के लिए भी प्रवेश प्रतिबंधित था।








