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दिसंबर में ही भारत क्यों आते हैं रूसी राष्ट्रपति पुतिन? जानिए इसके पीछे की वजह

भारत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे को लेकर तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने के लिए रूसी सेना की एक टीम कई दिन पहले ही भारत पहुंच चुकी है। पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत आने वाले हैं। अगर पुतिन के पिछले भारत दौरे की हिस्ट्री देखी जाए, तो वे अक्सर दिसंबर में ही भारत आए हैं। पुतिन अब तक 10 बार भारत का दौरा कर चुके हैं। पहली बार वे अक्टूबर 2000 में भारत आए थे, जब दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी।

इस वजह से दिसंबर में भारत आते हैं पुतिन
इसके बाद से दिसंबर 2002, दिसंबर 2004, जनवरी 2007, मार्च 2010, दिसंबर 2012, दिसंबर 2014, अक्टूबर 2018 और दिसंबर 2021 में पुतिन भारत आए। कुछ चुनिंदा अवसरों को छोड़ दें तो वे अधिकांशतः दिसंबर में ही भारत आए हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि भारत और रूस का वार्षिक शिखर सम्मेलन (Annual Summit) दिसंबर में आयोजित होता है।

एनुअल समिट के अलावा भी पुतिन आए हैं भारत
रूस के राष्ट्रपति के रूप में वे हमेशा इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने ही भारत पहुंचे हैं। केवल मार्च 2010 में वे रूस के प्रधानमंत्री के रूप में भारत आए थे, वह एक ऑफिशियल दौरा था। पुतिन के भारत दौरे के लिए दिसंबर के महीने का चयन मुख्य रूप से भारत-रूस एनुअल समिट की तारीख पर आधारित है।इसके अलावा, दिसंबर में भारत का मौसम सर्द और ठंडा होता है, जो रूस जैसे ठंडे देश के उच्चस्तरीय आधिकारिक दौरे के लिए अनुकूल समय माना जाता है।

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