
होशियारपुर, 1 जनवरी:
बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने और समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला होशियारपुर में विशेष बाल विवाह जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 27 नवंबर 2025 से शुरू किया गया है, जो जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में आज जिले के ब्लॉक मुकेरियां में जिला कार्यक्रम अधिकारी गगनदीप सिंह के नेतृत्व में बाल विवाह जागरूकता शिविर लगाया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों, युवाओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों, युवाओं, स्कूली विद्यार्थियों और आम जनता को बाल विवाह के दुष्प्रभावों, बच्चों के अधिकारों तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करना था। उपस्थित लोगों को बताया गया कि बाल विवाह बच्चों की शिक्षा में बाधा डालता है, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है तथा उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
शिविर के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि भारतीय कानून के अनुसार 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह दंडनीय अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, इसमें सहायता देने या इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। नागरिकों को यह भी बताया गया कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर प्रशासन या संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
जिला प्रशासन होशियारपुर की ओर से सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए आगे आएं और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा तथा बेहतर भविष्य प्रदान करने में सक्रिय सहयोग दें। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।









