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पंजाब पुलिस और एन.एच.ए.आई. ने हाइवे सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए आपसी समन्वय को मजबूत किया

चंडीगढ़, 21 जनवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच के अनुसार, राज्य की सड़कों पर सुरक्षित माहौल और बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का सटीक उपयोग करने हेतु पंजाब पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एन.एच.ए.आई.) ने आज हाईवे सुरक्षा और कार्यान्वयन में सहयोग को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय समन्वय बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी पंजाब, ए.एस. राय और एन.एच.ए.आई. चंडीगढ़ के रिजनल ऑफिसर राकेश कुमार ने की। बैठक में वर्तमान और आगामी हाईवे कॉरिडोर, जिसमें हाल ही में शुरू हुआ कुराली-खरड़-मोहाली बायपास भी शामिल है, पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ए.टी.एम.एस.) के प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई।
इस संबंध में स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय ने बताया कि दोनों एजेंसियों ने वास्तविक समय निगरानी, ऑटोमैटिक उल्लंघन डिटेक्शन और दुर्घटना स्थल पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए ए.टी.एम.एस. डेटा के साथ प्रवर्तन प्रोटोकॉल को एकीकृत करने पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि एजेंसियों ने रोडसाइड दृश्यता और सार्वजनिक सहायता बढ़ाने के लिए मुख्य टोल प्लाजा और बिना टोल वाले स्थानों पर ट्रैफिक सहायता पोस्टों को अपग्रेड करने पर सहमति जताई। उन्होंने यह भी कहा कि एस.एस.एफ. यूनिट्स और एन.एच.ए.आई. टीमों के बीच निरंतर संपर्क मुख्य कॉरिडोरों में त्वरित और सक्रिय सहायता सुनिश्चित करेगा।
बैठक में दुर्घटनाओं के समय सुव्यवस्थित ढंग से निपटने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं, रिकवरी वैन और हाईवे पेट्रोलिंग की तैनाती हेतु इमरजेंसी हेल्पलाइन 1033 और 112 के एकीकरण पर भी समीक्षा की गई, ताकि संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान चंडीगढ़ और राजपुरा रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या पर चर्चा हुई और एन.एच.ए.आई. ने 2-3 महीनों के भीतर आवश्यक सुधार करने का भरोसा दिया।
साथ ही यह सहमति बनी कि ब्लैक स्पॉट्स की नियमित पहचान और मूल्यांकन साझा रूप से किया जाएगा, और इसके डेटा विश्लेषण में पी.आर.एस.टी.आर.सी., जो कि पंजाब पुलिस का शोध विंग है, सहायता प्रदान करेगा।
स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय ने एन.एच.ए.आई. को पूर्ण भरोसा देते हुए कहा, “यदि हम साथ काम करेंगे तो राज्य में सड़क यातायात के दौरान लोगों को अधिकतम सुरक्षा और बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।”
रिजनल ऑफिसर चंडीगढ़ राकेश कुमार ने साझा रूप से कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के सुचारू कार्यान्वयन से इंजीनियरिंग अधिक प्रभावी होगी। पंजाब देश का प्रमुख राज्य है और हम हर जीवन को बचाने के लिए यातायात को और बेहतर और सुचारू बनाने हेतु साझा प्रयास कर रहे हैं।”
इस दौरान मौजूद अधिकारियों में पंजाब सरकार के ट्रैफिक सलाहकार डॉ. नवदीप असीजा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीआईयू-चंडीगढ़ आशिम बांसल और डीएसपी ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा गणेश कुमार शामिल थे।

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