
चंडीगढ़, 28 जनवरी:
राज्य में सतत और कुशल ऊर्जा आधारित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में ऊर्जा संरक्षण को मजबूत करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) ने अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) परियोजनाएं शुरू करने के लिए प्रतिष्ठित अकादमिक संस्थानों के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि भवनों, उद्योगों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में ऊर्जा दक्षता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, घड़ुआं तथा भाई गुरदास इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, संगरूर के साथ ये समझौते किए गए हैं।
पेडा को इन समझौतों के लिए बधाई देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि इनका उद्देश्य पंजाब में ऊर्जा की खपत को कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक समाधानों को बढ़ावा देने हेतु सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करना है। इस पहल के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को ऊर्जा से संबंधित अनुसंधान, क्षेत्रीय अध्ययन, तकनीक विकास और पायलट परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने का बेहतर अवसर मिलेगा।
श्री अरोड़ा ने बताया कि इन समझौतों पर पेडा की सीईओ श्रीमती नीलिमा ने हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते युवा प्रतिभाओं को निखारने, तकनीकी कौशल में वृद्धि करने तथा विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने आगे कहा कि इन समझौतों के तहत शुरू की जाने वाली आर एंड डी परियोजनाएं राज्य भर में भवनों, उद्योगों और सार्वजनिक स्थलों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, ग्रीन तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रोत्साहित करने, दीर्घकालिक ऊर्जा योजना के लिए नीतियां तैयार करने तथा ऊर्जा लागत और कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर केंद्रित होंगी।
कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह पहल पंजाब को ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि यह सहयोग पंजाब के ऊर्जा संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह विद्यार्थियों और संस्थानों को राज्य की स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण में अहम योगदान देने के लिए तैयार करेगा। यह पहल नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों और फैकल्टी की क्षमता में वृद्धि करेगी तथा कार्बन उत्सर्जन को कम कर स्वच्छ पर्यावरण के माध्यम से पंजाब के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।









