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मान सरकार का गरीब और हाशिए पर खड़े वर्गों के लिए बड़ा कदम; ‘आशीर्वाद स्कीम’ अब केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से लागू होगी: डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़, 28 जनवरी:

मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार गरीब, पिछड़े और हाशिए पर खड़े वर्गों के हित में लगातार जनहितैषी कदम उठा रही है। इसी दिशा में ‘आशीर्वाद स्कीम’ को और अधिक पारदर्शी, सुचारू और नागरिक-मित्र बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यह जानकारी पंजाब के सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।

डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब भवन में ‘आशीर्वाद ऑनलाइन पोर्टल’ को सेवा केंद्रों के माध्यम से जोड़कर आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि अब से आशीर्वाद स्कीम के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से ही किए जाएंगे, जिससे योजना की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावशाली और जवाबदेह बनेगी।

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि मान सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि सरकारी कल्याण योजनाओं का हर एक रुपया ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हकदार लाभार्थी तक पहुंचे। सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन लेने से भ्रष्टाचार, दलाली और दुरुपयोग पर रोक लगेगी और लोगों का सरकारी प्रणाली पर विश्वास और मजबूत होगा। यह पहल बेटियों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद स्कीम पंजाब सरकार की एक प्रमुख कल्याण योजना है। इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों, ईसाई समुदाय, पिछड़ी जातियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा हर जाति की विधवाओं की बेटियों और अनुसूचित जाति की विधवाओं एवं तलाकशुदा महिलाओं के विवाह पर ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले लाभार्थियों को दस्तावेजों सहित आवेदन तहसील कार्यालयों में जमा करने पड़ते थे, जिससे प्रक्रिया में देरी और तकनीकी खामियां आती थीं। इसके बाद ऑनलाइन करने के बावजूद निजी साइबर कैफे अधिक शुल्क लेने की शिकायतें मिलती रही हैं।

इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, मंत्री ने कहा कि अब आशीर्वाद पोर्टल को सेवा केंद्रों से जोड़ दिया गया है। इससे लाभार्थी अपने नजदीकी सेवा केंद्र से कम खर्च में आसान और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ ले सकेंगे।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की निदेशक श्रीमती विम्मी भुल्लर विशेष रूप से उपस्थित थीं।

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