
चंडीगढ़/बटाला, 30 जनवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू की गई “गैंगस्टरों पर वार” — पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए छेड़ी गई एक निर्णायक मुहिम के तहत, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज गैंगस्टरों और संगठित अपराधों के विरुद्ध चल रही कार्रवाइयों की समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बटाला में आयोजित यह बैठक सीमावर्ती जिलों पर केंद्रित थी। बैठक का उद्देश्य सीमा पार से संचालित आतंक–अपराध गठजोड़ को समाप्त करना तथा जबरन वसूली और गैंग गतिविधियों के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति को सुनिश्चित करना था। बैठक में एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) प्रमोद बान, एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद, सीपी अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल, डीआईजी फिरोजपुर रेंज स्नेहदीप शर्मा, एसएसपी अमृतसर ग्रामीण सुहेल कासिम मीर, एसएसपी बटाला महिताब सिंह, एसएसपी गुरदासपुर आदित्य, एसएसपी पठानकोट दिलजिंदर सिंह ढिल्लों तथा एसएसपी तरनतारन सुरेंद्र लांबा शामिल थे।
इस दौरान बॉर्डर और फिरोजपुर रेंज में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराधों के रुझानों और काउंटर-इंटेलिजेंस उपायों की व्यापक समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आपराधिक तत्वों को जड़ से खत्म करने के लिए ऑपरेशनल तैयारियों, संयुक्त कार्य योजनाओं और सामुदायिक भागीदारी से जुड़ी पहलों की जानकारी दी।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि 20 जनवरी को शुरू की गई “गैंगस्टरों पर वार” मुहिम के तहत पंजाब पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि केवल पिछले दो दिनों में ही पंजाब पुलिस ने 100 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।
मुहिम के 11 दिनों के परिणामों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों द्वारा राज्य भर में 12,275 छापेमारियां की गईं, जिनके दौरान 8,671 व्यक्तियों से पूछताछ की गई और 3,721 को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पुलिस टीमों ने 1,796 व्यक्तियों को हिरासत में लिया और 3,154 व्यक्तियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस युद्धस्तर पर काम कर रही है और किसी भी गैंगस्टर या नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेशों से संचालन कर रहे गैंगस्टरों, जो अपराधों को अंजाम दे रहे हैं, को भी जल्द से जल्द पंजाब वापस लाया जाएगा ताकि उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके, जैसा कि पहले भी कई मामलों में किया गया है।
उन्होंने जनता, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अपराधों और समाज विरोधी तत्वों से दूर रहें और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं। उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है।
डीजीपी गौरव यादव ने लोगों से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से किसी भी आपराधिक या गैंगस्टर से संबंधित गतिविधि की गोपनीय जानकारी देने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जन सहयोग से समाज विरोधी तत्वों को समाज से जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
इसके उपरांत, डीजीपी ने बटाला पुलिस जिले के सभी स्टेशन हाउस ऑफिसरों (एसएचओ) और गजटेड अधिकारियों के साथ भी विस्तृत बातचीत की। इसमें पुलिस बल को प्रेरित करने, मनोबल बढ़ाने और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर अंकुश लगाने और संगठित नेटवर्कों का पर्दाफाश करने में जमीनी स्तर के अधिकारियों की अहम भूमिका पर जोर दिया।









