
चंडीगढ़, 16 फ़रवरी —
राज्य की शिक्षा प्रणाली की पवित्रता और ईमानदारी बनाए रखने के उद्देश्य से बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब सरकार ने लुधियाना के एक फर्जी स्कूल के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। संबंधित स्कूल में प्रैक्टिकल परीक्षाओं की आवश्यक सुविधाएं न होने के बावजूद 12वीं की परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों का पंजीकरण किया गया था।
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसमेश पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महिदूदां, लुधियाना (स्कूल कोड 3100187) के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसमें स्कूल की मान्यता वापस लेना तथा फर्जी दस्तावेज जमा कराने के आरोप में आपराधिक शिकायत दर्ज करना शामिल है। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने स्कूल द्वारा पंजीकृत सभी 27 विद्यार्थियों के रोल नंबर भी रद्द कर दिए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि भौतिक जांच के दौरान स्कूल का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं पाया गया। स्कूल की इमारत किराये पर दी गई थी और वहां कोई कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थीं। 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए पंजीकृत 27 विद्यार्थियों के रोल नंबर भी मौके पर मौजूद नहीं पाए गए, जिसके चलते बोर्ड ने उन्हें रद्द कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि चार अन्य स्कूल जांच के दायरे में हैं, क्योंकि पंजाब सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करने और परीक्षा प्रक्रियाओं में गड़बड़ी करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। ‘घोस्ट स्कूल’ चलाने और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी।”
शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों और विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि प्रभावित विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में आवंटित कर तथा उचित मार्गदर्शन देकर उनके हितों की रक्षा की जाएगी। साथ ही, फर्जी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जांच टीमों को अन्य संदिग्ध स्कूलों की जांच में तेजी लाने और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।









