पंजाबराजनीति

अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को नशे की दलदल में धकेला, अब आम आदमी पार्टी बना रही है नशा-मुक्त पंजाब — अरविंद केजरीवाल

मोगा, 16 फरवरी:

 

मोगा में ग्राम रक्षा समिति (वी.डी.सी.) के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जहाँ शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को नशों में डूबने दिया, वहीं ‘आप’ सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए नशे के कारोबार में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

 

‘आप’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने नशा तस्करों को संरक्षण देने के बजाय उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने 2,000 किलो नशीले पदार्थों की बरामदगी, बड़े तस्करों को जेल भेजने और उनके आलीशान घरों पर बुलडोज़र चलाने का हवाला देते हुए कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पिछली सरकारें फिर सत्ता में आईं, तो पंजाब दोबारा नशों की दलदल में फँस जाएगा।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार पंजाब से “चिट्टे” का दाग मिटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य सख्ती से क्रियान्वयन के माध्यम से नशा-मुक्त पंजाब बनाना है, जिसके तहत हर गाँव में खेल मैदानों का निर्माण और युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

 

दोनों वरिष्ठ नेताओं ने इस नशा-विरोधी अभियान को पंजाब शासन में एक निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मिशन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतने और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने का व्यापक प्रयास है।

 

सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने बताया कि एक वर्ष पहले 1 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में यह अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि पहले लोगों में डर और झिझक थी, लेकिन पुलिस की सख्त कार्रवाई—नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगी, तस्करों की गिरफ्तारी और उनकी अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई—से जनता का विश्वास बढ़ा है।

 

उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में हर गाँव और वार्ड में ग्राम रक्षा समितियाँ बनाई जा रही हैं, जिनमें सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व सैनिक, युवा, सरपंच और अन्य सम्मानित नागरिक शामिल हैं। इन समितियों की दो प्रमुख जिम्मेदारियाँ हैं—नशा बेचने वालों की जानकारी देना और नशे के आदी लोगों को इलाज के लिए केंद्रों तक पहुँचाना। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक विशेष ऐप भी विकसित किया है, जिसके माध्यम से पूरी गोपनीयता के साथ जानकारी दी जा सकती है।

 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अच्छे काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि नशा तस्करों से मिलीभगत रखने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपील की कि ग्राम रक्षा समितियाँ धीरे-धीरे पूरे गाँव को इस मुहिम में शामिल करें ताकि कोई भी नशा बेचने की हिम्मत न कर सके।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब विरोधी ताकतों ने युवाओं की नसों में ज़हर भरा, लेकिन अब सरकार ने बहु-आयामी रणनीति अपनाकर सप्लाई चेन तोड़ी है, पीड़ितों का पुनर्वास सुनिश्चित किया है और तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर अब राज्य से भाग रहे हैं क्योंकि यह एक जन-आंदोलन बन चुका है।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उन्होंने अफवाहों से सावधान रहने की अपील की और कहा कि सरकार पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

इस अवसर पर वरिष्ठ ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान ने नशे की रीढ़ तोड़ दी है और हज़ारों तस्करों को जेल भेजा गया है। कार्यक्रम के अंत में अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लाखों लोगों ने पंजाब को नशा-मुक्त बनाने की शपथ ली।

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